शाहजहांपुर। जिले में मलेरिया के मरीजों की जांच के लिए 993 टीमें लगी हैं। पिछले 16 दिनों में मलेरिया के 23 मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया सेे बचने के लिए जागरूक कर रही है। जागरूक करने के बाद भी लोग नहीं मानेंगे तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा।
बुखार के बढ़ते मरीजों को देखते हुए मलेरिया विभाग की तरफ से दो सदस्यीय 993 टीमें बनाई गईं हैं। इनमें आशा और आंगनबाड़ी वर्कर प्रतिदिन ग्रामीण इलाकों में जाकर घर-घर बुखार के मरीजों को खोज रही हैं। बुखार के मरीज मिलने पर उनके घर के बाहर एक स्टीकर चस्पा कर दिया जाता है।
सात अगस्त से मलेरिया के मरीजों को तलाशने और लोगों को जागरूक करनेे का अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 28 अगस्त से अब तक मलेरिया के 23 मरीज मिल चुके हैं।
अधिकतर लोग प्राइवेट लैब में जांच कराकर इलाज कराने को प्राथमिकता देते हैं। इससे सही आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं रहता है। प्राइवेट अस्पतालों में जांच होने के बाद डॉक्टर ज्यादातर मलेरिया या डेंगू होने की बात बहकर लंबे समय तक इलाज करते हैं। इस तरह के भ्रम को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट नर्सिंग होम को जांच में मलेरिया या डेंगू के लक्षण पाए जाने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
मलेरिया के दो और बुखार के 24 मरीज मिले
जैतीपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगा रही हैं। मंगलवार को जैतीपुर कस्बा सहित रसेवन, नवादा, बैसरा गांव में 317 मरीजों की जांच की गई। इसमें बुखार के 24 मरीज मिले और मलेरिया के दो मरीज मिले हैं। सीएचसी के प्रभारी डॉ. लईक अहमद अंसारी ने बताया कि सभी को उपचार के लिए दवाइयां बांटी गई हैं। क्षेत्र में दवाई का छिड़काव लगातार कराया जा रहा है जिससे मच्छर जनित रोगों से बचाव हो सके।
प्रतिदिन टीमें घर-घर जाकर मरीजों को खोज रही है। 28 अगस्त से अब तक 23 सामान्य मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। मलेरिया से बचने के लिए विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता के बाद भी अगर लोग नहीं मानते हैं और चेकिंग में उनके घर में साफ पानी का जमाव मिलेगा तो उन्हें नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. पीके श्रीवास्तव, मलेरिया अधिकारी