फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अक्षय तृतीया पर 50 करोड़ का बिका सोना-चांद

विज्ञापन
शाहजहांपुर में अक्षय तृतीया पर सोने के जेवर खरीदती महिलाएं । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। अक्षय पुण्य की कामना के साथ मंगलवार केे अक्षय तृतीया का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। सराफा प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की खासी भीड़ रही। महिलाओं ने अपनी पसंद के आभूषण खरीदे। पुरुष भी पीछे नहीं रहे। करीब 50 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। सुबह से ही आभूषणों के प्रतिष्ठानों पर भीड़भाड़ होने लगी। महिलाओं ने सोने का हार, झुमकी को पसंद किया। पुरुषों में सोने की अंगूठी और चेन को खरीदी।
विज्ञापन

शहर में सदर बाजार, बहादुरगंज, चौक और जलालनगर क्षेत्र में स्थित आभूषणों की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा और अक्षय तृतीया पर परंपरा के अनुसार सोने-चांदी के अभूषणों की खरीदारी की गई। सदर बाजार सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने बताया कि अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी के आभूषणों की मांग अधिक होती है।
मान्यता के अनुसार लोग खरीदारी करते ही है, अपने बच्चों के विवाह आदि के लिए भी आभूषण खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि शुद्धता व विश्वास बनाए रखने के लिए हॉलमार्क वाले आभूषणों की खरीदारी करने को लेकर लोगों में जागरूकता देखी गई। इस बार करीब 50 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।
विज्ञापन

कैरेट 24 शोरूम के संचालक अमित वर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया को लेकर डायमंड के गहनों पर 25 प्रतिशत तक छूट दी गई। वहीं दूसरी ओर बनवारी लाल ज्वैलर्स के स्वामी सिद्धार्थ रस्तोगी ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन सोने की खरीदारी शुभ होती है, जिसके चलते लोगों ने जमकर खरीदारी की है।
350 दो पहिया वाहन बिके
अक्षय तृतीया पर लोगों ने सोना-चांदी ही नहीं, वाहन और प्रापर्टी भी खरीदी। मंगलवार को जिले भर में लगभग 350 दोपहिया एवं 20 चार पहिया वाहनों की भी बिक्री हुई। इसके साथ ही जमीन-जायदाद की खरीदारी भी हुई। हालांकि ईद की छुट्टी होने के कारण रजिस्ट्री कार्यालय बंद होने के कारण लोग रजिस्ट्री नहीं करा पाए। अलग-अलग सेक्टर के कारोबारियों की मानें तो अक्षय तृतीया पर जिले में लगभग 100 करोड़ का व्यवसाय हुआ है।
उत्तम लग्न में हुई शादियां
अक्षय तृतीया पर धार्मिक व मांगलिक कार्य करने के लिए किसी पंडित आदि से पूछने की जरूरत नहीं होती है। दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि अक्षय तृतीया का मुहूर्त सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन किये गए कर्म, संस्कार एवं फल कभी क्षय नहीं होते। अक्षय तृतीया को उत्तम लगन भी कहा गया है। इसके चलते मंगलवार को अक्षय तृतीया पर शहर में ही करीब 50 से अधिक शादियां हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें