शाहजहांपुर। इसे आचार संहिता का खौफ कहें या फिर अवैध धंधेबाजी का खुलासा होने का डर। वजह जो भी हो, लेकिन सच्चाई यही है कि चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए गठित उड़नदस्तों ने जिन लोगों से लाखों रुपये की सोने की चूड़ियां और 1.80 लाख रुपये नकद बरामद किए, वह जवाबदेही से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर भूमिगत हो गए हैं। इन मामलों से संबंधित लोगों ने सोना और नकदी छुड़ाने के लिए सक्षम अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें जरूरी दस्तावेज नहीं दिखाए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
कटरा विधानसभा क्षेत्र में उड़नदस्ता-प्रथम के मजिस्ट्रेट डॉ. नीरज गुप्ता और एसआई अनिल पवार ने गत 19 जनवरी की शाम हुलासनगरा क्रॉसिंग से पहले राममुरारी स्कूल के पास काले रंग की कार से सोने की 72 चूड़ियां बरामद कीं। 515 ग्राम वजन की इन चूड़ियों का बाजार मूल्य करीब 19 लाख रुपये आंका गया है। कार में बैठे मेरठ शहर के घंटाघर क्षेत्र निवासी नजरुल इस्लाम ने खुद को व्यापारी बताते हुए कहा कि वह कारोबार के सिलसिले में हरदोई जा रहे हैं, लेकिन बैग से बरामद हुईं सोने की चूड़ियों के बारे में नजरुल इस्लाम ने कोई दस्तावेज नहीं दिखाए। अधिकारियों ने सोना सील कर जिला कोषागार में रखवा दिया है।
सोना पकड़े जाने के बाद नजरुल ने अधिकारियों को अपना मोबाइल नंबर देने के साथ जल्द कागजात लेकर लोटने की बात कही। शुरुआती तीन-चार दिन तक उसने कोई संपर्क नहीं किया, जबकि ऐसे मामलों में जब्त संपत्ति के दावेदार अधिकारियों के आगे-पीछे घूमने लगते हैं। अधिकारियों के अनुसार अब बीते एक सप्ताह से नजरुल का नंबर डॉयल मोबाइल स्विच आफ बोल रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने दस लाख रुपये अथवा इससे अधिक संपत्ति बरामद होने पर आयकर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए आयकर विभाग भी सोना कारोबारी का सुराग लगाने में जुुटा है।
अधिकारियों के अनुुसार बीते रविवार को ददरौल क्षेत्र की उड़नदस्ता तृतीय के प्रभारी मजिस्ट्रेट रजनीश कुमार सांख्यधर और पुलिस उप निरीक्षक मो. हनीफ खां ने शाहाबाद की ओर से कार से आ रहे पांच लोगों से 1.80 लाख रुपये बरामद किए कार समेत फरार हुए लोग भी संपर्क करने से कतरा रहे हैं। इन लोगों ने उड़नदस्ता टीम को जो मोबाइल नंबर दिया, उस पर एक बार बात होने से केवल इतना सुराग लग सका कि कार शहर के मोहल्ला तारीन बहादुरगंज के एक व्यापारी की है।
अमूमन चुनाव के दौरान पकड़े गए माल को छुड़ाने के लिए लोग शुरू से प्रयासशील रहते हैं, लेकिन सोना जब्त होने के बाद कथित कारोबारी नजरुल ने संपर्क करने के बजाय अपना फोन बंद कर लिया। उसका प्रकरण आगे की जांच के लिए आयकर विभाग भेजा जा चुका है। नकदी मौके पर छोड़कर कार समेत फरार हुए लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है। क्योंकि वह रकम पर दावा करने नहीं आए, उल्टे फोन बंद कर लिया। मतदान के एक सप्ताह बाद तक इन मामलों से संबंधित लोगों ने संपर्क नहीं किया तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार गिरि, वरिष्ठ सहायक कोषाधिकारी