शाहजहांपुर। महिला विश्व कप में देश की बेटियों पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। उन्हीं बेटियों की तरह जनपद की छात्राओं को चमकने के लिए दोनों प्रमुख कॉलेजों में महिला क्रिकेट टीम तैयार की जाएगी। टीम बनाने के लिए प्राचार्यों ने सहमति दे दी है। नोटिस निकालकर इच्छुक छात्राओं को जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है।
-कॉलेज की छात्राएं क्रिकेट खेलकर अपना कॅरियर बनाने की ओर कदम बढ़ाएं। इससे बेहतर क्या हो सकता है। इसलिए छात्राओं की क्रिकेट टीम बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई। टीम से जुड़ने वाली छात्राओं के लिए नोटिस बोर्ड पर सूचना को चस्पा की जाएगी। इसके बाद बेहतर खेलने वाली छात्राओं का चयन कर टीम को बनाया जाएगा। - डॉ. मोहम्मद तारिक, प्राचार्य, जीएफ कॉलेज
-छात्राओं के प्रोत्साहन के लिए कॉलेज प्रबंधन पूरी तरह से तैयार है। छात्राएं क्रिकेट खेलने की इच्छुक हैं तो उनके लिए क्रिकेट टीम को बनाया जाएगा। एनसीसी की तरह क्रिकेट की टीम को बनाएंगे। उनके लिए कोच को नियुक्त किया जाएगा। टीम तैयार होने के बाद क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन कराएंगे, जिससे उनके खेल में निखार आ सकें। -डॉ. अनुराग अग्रवाल, प्राचार्य, एसएस कॉलेज
लड़कियों की क्रिकेट टीम को टूर्नामेंट में मौका देने को आयोजक तैयार
जनपद में छात्राओं की टीम बनाने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। महाविद्यालयों द्वारा टीम बनाए जाने की सहमति देने के बाद समय-समय पर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कराने वाले आयोजक भी लड़कियों की टीम को मौका देने को राजी हो गए हैं। वह छात्राओं को प्रोत्साहित कर उनकी टीम को दूसरे जनपद तक ले जाने को तैयार हैं। टूर्नामेंट के आयोजकों का कहना है कि अन्य खेलों की तरह छात्राएं क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाएं। यह काफी बेहतर प्रयास होगा।
छात्राओं की टीम को टूर्नामेंट में देंगे मौका
लड़कियों की क्रिकेट टीम बनाने को लेकर हमने पहले काफी प्रयास किया था। उस समय कामयाब नहीं हो सके। हम लगातार टूर्नामेंट कराते रहते हैं। यदि लड़कियों की क्रिकेट की टीम बनती है तो उसे प्रोत्साहित करने का प्रयास करेंगे। लड़कियों की टीम को अपने टूर्नामेंट में मौका देने में कोई कमी नहीं आएगी। अच्छी टीम बनती है तो दूसरे जनपदों की टीम से मैच खिलाने का काम करेंगे। -सैयद शिबली, क्रिकेटर
क्रिकेट टीम न होने के कारण शतरंज को चुना
स्कूल समय में खूब क्रिकेट खेलने का मौका मिला। लेकिन कॉलेज में पहुंचने के बाद टीम का अभाव होने पर मौका नहीं मिल सका। यह खुशी की बात है कि कॉलेज में क्रिकेट की टीम बन रही है। ऐसे में उन छात्राओं को प्रोत्साहन मिलेगा जो क्रिकेट खेलना चाहती हैं। क्रिकेट टीम न होने के कारण हम चेंस ही खेलते हैं। - प्रिया गुप्ता, चेंस खिलाड़ी
क्रिकेट से करियर बनाना होगा आसान
-जब हम कॉलेज में पढ़ते थे। तब काफी छात्राएं क्रिकेट खेलने की इच्छा रखती थी। काफी प्रयास करने के बाद कॉलेज में टीम नहीं बन सकी है। इसके चलते कॉलेज में हमें बैडमिंटन को चुनना पड़ा है। यदि अब क्रिकेट की टीम बन जाएं तो छात्राओं को खेलने का मौका मिलेगा। उन्हें करियर बनाने की राह भी आसान होगी। - गुलबहार, बैडमिंटन खिलाड़ी
छात्राओं की मदद की जाएगी
-हथौड़ा स्थित स्टेडियम में छात्र क्रिकेट का अभ्यास करते हैं। लड़कियों की कोई टीम नहीं बन सकी है। छात्राओं की टीम बनती है तो उनकी हर संभव मदद की जाएगी। कैंप शुरू होते ही ट्रॉयल कराकर टीम बनाकर छात्राओं को आगे बढ़ने का मौका देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। - जितेंद्र भगत, जिला क्रीड़ा अधिकारी
छात्राएं आगे बढ़कर क्रिकेट में कॅरियर बनाएं
-डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से हम लगातार टूर्नामेंट का आयोजन कराते रहते हैं। टूर्नामेंट में लड़कियों की टीम भी खेले। यह काफी खुशी की बात है। जरूरत पड़ी तो टूर्नामेंट की दिन बढ़ाकर छात्राओं की टीम के लिए अलग से तिथियों की घोषणा करेंगे। जनपद की छात्राएं क्रिकेट में आगे बढ़कर अपना कॅरियर बनाएं। इससे अच्छी कोई बात नहीं हो सकती है। - रफी उल हसन, क्रिकेटर
जिला क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र भगत- फोटो : SHAHJAHANPUR
जीएफ कॉलेज के प्राचार्य डॉ मोहम्मद तारिक- फोटो : SHAHJAHANPUR
रफीउल- फोटो : SHAHJAHANPUR
सैयद शिबली- फोटो : SHAHJAHANPUR
प्रिया गुप्ता- फोटो : SHAHJAHANPUR
एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ अनुराग अग्रवाल- फोटो : SHAHJAHANPUR