पुवायां (शाहजहांपुर)। सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री सहित दो लोगों के खिलाफ एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले को छिपाती रही। शनिवार को वकीलों ने सीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
पुवायां क्षेत्र की महिला का आरोप है कि 12 अगस्त की सुबह सात बजे वह फार्म हाउस पर काम करने जा रही थी। रास्ते में ओमपाल यादव (पूर्व महामंत्री बार एसोसिएशन, पुवायां) और रवि कुमार मिले। दोनों ने उनसे कहा कि फार्म हाउस पर फिल्म की शूटिंग होनी है। इसके बाद रवि कुमार ने उन पर तमंचा तान दिया।
शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों उसे पड़ोस के राइस मिल के पीछे झाड़ियों में ले गए और हाथ-पैर बांध कर दोनों ने दुष्कर्म किया। उसने किसी तरह हाथ-पैर खोले और घर जाकर पति को बताया और पुलिस को तहरीर दी। उस समय रिपोर्ट दर्ज नहीं की, बाद में दर्ज की गई।
शनिवार को रिपोर्ट की जानकारी होने के बाद वकीलों का शिष्टमंडल सीओ बीएस वीरकुमार से मिलने कार्यालय पहुंचा। बताया कि सीओ ने कोई बात नहीं सुनने की कहते हुए वकीलों को बाहर जाने को कह दिया। इससे गुस्साए वकीलों ने सीओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसके बाद सीओ ने वकीलों से बात की और आश्वासन दिया कि मामले की जांच करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। वकीलों ने बताया कि झूठी रिपोर्ट दर्ज करने से पहले पुलिस को जांच करनी चाहिए थी। सीओ के आश्वासन के बाद वकीलों ने धरना समाप्त कर दिया।
दोष सिद्ध हो तो जेल जाने को तैयार
सिविल बार संघ के पूर्व महामंत्री ने कहा कि महिला ने उन पर साजिशन रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक पूर्व प्रधान उनसे रंजिश मानते हैं। उनके भाई ने उन्हें धमकी दी थी कि जान से मार देंगे या झूठे मामले में फंसा देंगे। इसकी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। महिला एक अक्तूबर को उनके पास आई थी
और झगड़े की बात कहते हुए पुलिस के नाम प्रार्थनापत्र लिखाकर ले गई थी। दो अक्तूबर को रिपोर्ट की जानकारी होने पर वह थाने गए तो पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट तो दूर शिकायत तक नहीं है। पूर्व प्रधान ने पुलिस से मिलीभगत कर रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि दोषी पाया गया तो जेल जाने को तैयार हूं।
तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। वकील कार्यालय में मिलने आए थे। थोड़ी देर में बात करने की बात कहने पर वकील नाराज हो गए। इसके बाद वकीलों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है। जांच में जो पाया जाएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां