पुवायां (शाहजहांपुर)। शाहजहांपुर कचहरी परिसर स्थित बंदीगृह में पॉक्सो एक्ट के आरोपी दीपक की मौत के बाद परिजनों ने शनिवार को विधायक चेतराम के आने तक अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। दोपहर में विधायक ने पहुंचकर परिजनों को समझाया, इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों ने जाम लगाने की कोशिश की, पुलिस ने सूझबूझ से उन्हें शांत किया।
दीपक को किशोरी के अपहरण के आरोप में जेल भेजा गया था। पांच माह बाद जमानत पर बाहर आने के बाद किशोरी की मां ने 6 अक्तूबर को दोबारा बेटी के अपहरण का आरोप लगाते हुए दीपक और उसके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। दीपक को जेल भेजा गया था। 16 अक्तूबर को जेल से पेशी पर लाए जाने पर दीपक ने कचहरी के बंदीगृह के शौचालय में अंगोछे से फंदा लगाकर जान दे दी थी। दीपक के पिता बेचेलाल ने किशोरी, उसकी मां सहित पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनपर कई आरोप लगाए थे।
शुक्रवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद रात आठ बजे शव घर पहुंचा था। पुलिस रात में ही अंतिम संस्कार कराना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने रात में अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था। शनिवार सुबह परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार की बात कहने लगे।
सीओ प्रवीण मलिक और थाना प्रभारी आरके रावत के समझाने पर परिजन दोपहर 12 बजे शव को लेकर श्मशान घाट पर पहुंचे। अंतिम संस्कार के लिए शव चिता पर रख दिया गया, लेकिन इस बीच पीलीभीत से आए दीपक के दो परिजनों ने विधायक चेतराम को बुलाने की बात कहते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया।
पुलिस के सूचना देने पर विधायक चेतराम ने परिजनों से फोन पर बात की और बाद में मौके पर पहुंचे। विधायक ने परिजनों से वार्ता की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विधायक बोले-शासन स्तर से कराऊंगा उच्चस्तरीय जांच
विधायक चेतराम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दीपक की मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएंगे और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि थाना और जेल सुरक्षित स्थान माना जाता है, इन जगहों पर मौत गंभीर मामला है। मामले में जो भी पुलिसकर्मी या अन्य दोषी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी।
बंदी की मौत के बाद कचहरी से जेल तक बढ़ाई गई सुरक्षा
शाहजहांपुर। कचहरी परिसर स्थित बंदीगृह में बंदी दीपक की मौत के बाद कचहरी से जेल तक सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जेल की संवेदनशील बैरकों से लेकर मुख्य द्वारों तक अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। शनिवार को जेल से कचहरी पेशी के लिए 64 बंदी लाए गए। बंदीगृह में पुलिसकर्मियों ने लगातार चेकिंग और निगरानी की।
वर्तमान में जेल में 920 पुरुष और 29 महिला बंदी हैं। जेल अधीक्षक जेपी तिवारी के मुताबिक बंदियों के मानसिक तनाव को कम करने और अप्रिय घटनाओं की रोकथाम के लिए मनोचिकित्सकों की टीम के कैंप लगाए जाते हैं। बंदियों की काउंसिलिंग कर तनाव और डिप्रेशन कम करने का प्रयास किया जाता है।
कचहरी में 50 पुलिसकर्मी और पीएसी तैनात
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई है। उपनिरीक्षकों समेत करीब 50 पुलिसकर्मी तैनात हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए डेढ़ सेक्शन पीएसी भी लगाई गई है।
वादकारी की चेकिंग करता पुलिसकर्मी। संवाद
वादकारी की चेकिंग करता पुलिसकर्मी। संवाद
वादकारी की चेकिंग करता पुलिसकर्मी। संवाद
वादकारी की चेकिंग करता पुलिसकर्मी। संवाद