शाहजहांपुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा व पुलिस सेवा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को सिफारिशी फोन करने वाले फर्जी आईएएस को जलालाबाद पुलिस ने शुक्रवार सुबह रोडवेज बस स्टैंड के पास से एक अन्य व्यक्ति के साथ धर दबोचा। बिहार के कैमूर जिले का रहने वाला फर्जी आईएएस किरन कुमार सिंह चंदेल तब पकड़ा गया, जब उसने एसपी एस. आनंद को फोन पर जलालाबाद क्षेत्र के गांव रौलीबौरी निवासी प्रवेश कश्यप के रिश्तेदार दुष्कर्म के आरोपी के घर पुलिस नहीं भेजने की सिफारिश की।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी एस. आनंद ने पत्रकारों को बताया कि पकड़ा गया फर्जी आईएएस दो मामलों में पहले भी न सिर्फ उन्हें, बल्कि पीलीभीत और फर्रुखाबाद के डीएम को भी फोन कर चुका है। एसपी ने उससे करीब चार मिनट तक फोन (नंबर 8826237319) से हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप भी सुनाई। एसपी ने बताया कि किरन कुमार ने अपना परिचय 1995 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस के तौर पर देते हुए बताया कि वह भोपाल में कमिश्नर के पद पर रह चुका है और इस समय मध्य प्रदेश सरकार के अधीन एसीएस (होम) के पद पर कार्यरत है।
एसपी के अनुसार कई उच्चाधिकारियों से परिचय का हवाला दिया तो उन्होंने सम्मान से उससे बात की। उसने यह भी बताया कि पीलीभीत के डीएम पुलकित खरे, फर्रुखाबाद के डीएम मानवेंद्र सिंह, अमिताभ यश आदि से भी उसका परिचय है और अब वह केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं देने जा रहा है, लेकिन इसी बीच किरन कुमार ने गांव रौलीबौरी निवासी प्रवेश कश्यप के कहने पर उसके दुष्कर्म के आरोपी रिश्तेदार की सिफारिश की तो उनका माथा ठनक गया। जिस नंबर पर बात की गई, उसे सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन जलालाबाद की मिली, इससे शक पुख्ता हो गया कि कोई जालसाज फोन कर रहा है। एसपी ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए जलालाबाद के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की।
टीम में शामिल उप निरीक्षक कैलाश चंद्र व देशराज सिंह, मुख्य आरक्षी रनवीर सिंह, सिपाही बब्बन खां, दिनेश कुमार और ज्ञानेंद्र यादव ने प्रवेश कश्यप और उसके कहने पर फोन करने वाले फर्जी आईएएस को जलालाबाद रोडवेज बस स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया। दोनों वहां से भागने की फिराक में थे। दोनों के पास से मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में किरन कुमार ने बताया कि वह कैमूर (बिहार) जिले के मोहनियां थानांतर्गत गांव मुजान का रहने वाला है और इन दिनों जलालाबाद में वीरेंद्र सिंह के यहां रुका था। एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
डीएम से मांगा था गेस्ट हाउस का सुईट
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि दो माह पहले किरन कुमार ने रात करीब 11.30 बजे फोन करके अपना परिचय आईएएस के तौर पर दिया था। कहा था कि उसकी एंबेसडर कार खराब हो गई है और उसे ठीक करने के लिए किसी मिस्त्री को भेज दें। बाद में उसने फिर एक दिन देर रात में फोन कर कहा कि वह किसी रिश्तेदारी में जलालाबाद पहुंच रहा है और उसके लिए सरकारी अतिथि गृह का एक सुईट आरक्षित कराने को कहा। चूंकि, दोनों बार फोन कॉल देर रात की गई। इसलिए इसे किसी सिरफिरे की कारगुजारी मानते हुए उसका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था।
आत्मविश्वास से बोल रहा था फर्जी आईएएस
एसपी के अनुसार किरन कुमार ने आईएएस के पाठ्यक्रम में शामिल एक किताब के नाम का भी उल्लेख किया, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उसने कभी आईएएस कंपटीशन क्वालीफाई करने के लिए पढ़ाई की होगी और इसीलिए वह पूरे आत्मविश्वास से बोल रहा था। हालांकि, पूछताछ में आरोपी किरन कुमार ने बताया कि वह मैकेनिकल ट्रेड से बीटेक पास है।