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सेहत से खिलवाड़: होली पर खूब बिके मिलावटी खाद्य तेल और रंगीन कचरी

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शाहजहांपुर। खुले सरसों तेल समेत अन्य खाद्य तेलों, कचरी आदि खान-पान की वस्तुओं के तमाम नमूने प्रयोगशाला जांच में अनसेफ यानी मानव स्वास्थ्य के लिए घातक पाए गए हैं। होली के दौरान लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट से यह भी जाहिर हुआ कि त्योहारों पर मिलावट धड़ल्ले से होती है। एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि सरसों के तेल में अन्य खाद्य तेलों का मिश्रण (ब्लैंडिंग) करने पर रोक बावजूद सरकार ने अब केवल मल्टीसोर्सेज (बहुस्रोतीय) खाद्य तेलों की बिक्री अनुमन्य की है।
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खाद्य वस्तुओं में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीमों ने शहर तहसीलों में गत 26 मार्च को दो दर्जन से ज्यादा नमूने सील किए थे। राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला से बीते दिन नमूनों की जांच रिपोर्ट मिली। इनमें खाद्य तेलों के अधिकांश नमूने गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। खाद्य तेलों के कई नमूने सब स्टैंडर्ड (अधोमानक) और अनसेफ (घातक) पाए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार टाउनहाल निवासी विनय गुप्ता की बहादुरगंज स्थित दुकान से लिया राजधानी बेसन का नमूना अधोमानक निकला। बहादुरगंज में संजीव गुप्ता और कांट रोड जमौर ग्रोथ सेंटर स्थित ललित गुप्ता से लिए सरसों तेल के नमूने भी अधोमानक पाए गए। अजीजगंज में हनी फूड प्रोडक्ट्स की रंगीन कचरी मिस ब्रांडेड अर्थात मिथ्याछाप पाई गई, उसके रैपर में कई कमियां थीं। हिम्मतपुर (जैतीपुर) निवासी रामसरन से जिला अस्पताल के पास लिया मावा का नमूना भी अधोमानक करार दिया।
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अजीजगंज निवासी अली हसन से लिए गए कचरी के नमूने की जांच कराने पर उसमें प्रयुक्त रिफाइंड सोयाबीन तेल मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया। गंगसरा (पुवायां) में अशोक कुमार से लिए रिफाइंड राइस ब्रॉन तेल, खुटार के मोहल्ला बजरिया में महेंद्र कुमार से लिए गए सरसों तेल और मीरानपुर कटरा में जलालाबाद रोड स्थित राजीव कुमार की दुकान से लिए गए चटोरा पप्पू ब्रांड कचरी पाप्स के नमूने भी अनसेफ मिले हैं। बताया कि मिश्रीपुर में तेल के थोक कारोबारी अमित गुप्ता के प्रतिष्ठान से लिया नमूना भी जांच में अधोमानक पाया गया।
होली पर विभिन्न वस्तुओं के लिए गए नमूनों में से दो दर्जन की जांच रिपोर्ट गत माह मिली थी। शेष नमूनों की बीते दिन जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। रिपोर्ट देखने से जाहिर होता है कि दुकानदार खाद्य तेलों, विशेषकर सरसों तेल में ज्यादा मिलावट कर रहे हैं। जिन विक्रेताओं के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनके खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अतिरिक्त जिला जज न्यायालय में मुकदमे दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शेष मामलों में जुर्माना वसूलने के लिए विभागीय न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में वाद दायर किए जाएंगे।
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-विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
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