मृतक अखिलेश गुप्ता अपनी पत्नी बच्चों के साथ का ।फाइल फोटो
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शाहजहांपुर। जून 2021 में कच्चा कटरा के दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता को पत्नी और बच्चों समेत आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी सूदखोर अविनाश वाजपेयी और सुशील गुप्ता पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। डीएम उमेश प्रताप सिंह ने एसपी एस. आनंद की संस्तुति पर दोनों की अवैध रूप से अर्जित धन से हासिल की गईं 60.66 लाख रुपये अनुमानित मूल्य की छह अचल संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया है। साथ ही तहसीलदार सदर और थाना रामचंद्र मिशन के प्रभारी निरीक्षक को 22 अप्रैल तक कुर्की आदेश पर अमल कर आख्या देने के निर्देश दिए हैं।
उप्र गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14 (1) के तहत कांट कसबे के मोहल्ला मरहैया निवासी अविनाश का शहर के मोहल्ला कच्चा कटरा में स्थित पक्का भवन कुर्क होना है। 377.24 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इस भवन का अनुमानित मूल्य 22.24 लाख रुपये है। इसी तरह सुशील की जो संपत्तियां कुर्क होनी हैं, उनमें सदर तहसील के गांव तराई में 4.94 लाख रुपये कीमत का 76.19 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड, अब्दुल्लागंज गांव में 8.70 लाख रुपये कीमत का 167.28 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड, इसी गांव में इतने ही क्षेत्रफल और अनुमानित मूल्य का दूसरा भूखंड, शहर के मोहल्ला वर्कजई मेें 8.24 लाख रुपये कीमत का 115.99 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड और इसी मोहल्ले में 5.84 लाख रुपये कीमत का 74.72 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड शामिल है।
डीएम ने कुर्की आदेशों में कहा है कि अविनाश और सुशील एक गिरोहबंद अपराधी हैं। दोनों संगठित गिरोह बनाकर अपने, गिरोह और परिवार के सदस्यों के आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए अवैध रूप से बिना लाइसेंस के मोटे दर पर ब्याज से पैसे की वसूली करके और शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर संपत्तियां अर्जित की हैं। उनके खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 271/21 धारा 305, 304, 120 बी व धारा 10/22 उप्र रेगुलेशन ऑफ मनी लैंडिंग एक्ट 1976 और मुकदमा अपराध संख्या 473/20 धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम राज्य बनाम अविनाश वाजपेयी उर्फ आकाश आदि पंजीकृत किए गए हैं। आदेशों में यह भी कहा गया है कि अविनाश और सुशील गुप्ता के पास आय के कोई ज्ञात विधिक स्रोत नहीं हैं। चूंकि, वह गिरोहबंद अपराधी होने के साथ समाज विरोधी कृत्यों में लिप्त है। इसलिए उसकी अचल संपत्तियां कुर्क किए जाने योग्य हैं।
यह था मामला
दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने कारोबार के लिए कांट थाना क्षेत्र के रहने वाले सूदखोर अविनाश वाजपेयी से ब्याज पर 12 लाख रुपये लिए थे। अखिलेश ब्याज भी चुकाता रहा और असल भी देता रहा, लेकिन सूदखोर चक्रवर्ती ब्याज लगाकर उसके ऊपर करीब 70 लाख और देने का दबाव बनाने लगा। तंग आकर अखिलेश, उसकी पत्नी रेशू और दो बच्चों ने मकान के अंदर अलग-अलग जगहों पर फंदे से लटककर जान दे दी थी। मामले में अविनाश उर्फ आकाश वाजपेयी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी अविनाश को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। पुलिस की जांच में आरोपी अविनाश वाजपेयी के मित्र सुशील गुप्ता और मिथिलेश के नाम सामने आए थे। बाद में पुलिस ने उन दोनों को जेल भेजा था।