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साहब : मेरा बेटा गंभीर बीमार... गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा

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मकसूदापुर चीनी मिल पर धरने पर बैठे राकिमसं कार्यकर्ता - फोटो : POWAYAN
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बंडा। बजाज चीनी मिल मकसूदापुर के गेट पर चल रहे धरने के दौरान किसान हरीश कुमार ने कहा कि उनका पुत्र गंभीर रूप से बीमार है, इलाज के लिए रुपये नहीं हैं, इसके बाद भी गन्ने का भुगतान नहीं दिया जा रहा है। इधर, पिछले वर्ष के बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (राकिमसं) का चीनी मिलगेट पर धरना-प्रदर्शन पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भुगतान नहीं होने तक धरना जार रहेगा।
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धरने पर बैठे किसान हरीश कुमार ने बताया कि उनका पुत्र गंभीर बीमार है। इलाज के लिए रुपये की सख्त जरूरत है, लेकिन अभी मिल के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। चीनी मिल अधिकारी कह रहे हैं कि सरकार पर उनका बिजली का रुपया बकाया है। बकाया मिलने पर ही किसानों का भुगतान कर पाएंगे। हरीश कुमार ने बकाया भुगतान दिलाने को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल पर किसानों का पिछले वर्ष बेचे गए गन्ने का करीब 75 करोड़ रुपये बकाया है। बकाया भुगतान की मांग को लेकर राकिमसं के कार्यकर्ताओं ने चार दिसंबर से मिल गेट पर धरना शुरू कर दिया था। बुधवार को धरना स्थल पर जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि मिल के अधिकारी किसानों का उत्पीड़न करने पर आमादा हैं। इस कारण उनका संगठन मांग कर रहा है कि बजाज चीनी मिल को आवंटित गन्ना सेंटर दूसरी मिलों को दिए जाने चाहिए।
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किसानों ने कहा कि उन्होंने अपना गन्ना बजाज चीनी मिल को दिया है और गन्ने बेचने के समय ऐसी कोई शर्त नहीं थी कि सरकार बिजली का रुपया देगी, तभी गन्ने का बकाया दिया जाएगा। जब तक पूरा गन्ना भुगतान नहीं किया जाता, धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर अमरजीत सिंह, बलवीर सिंह, लक्ष्मण वर्मा, अनिरुद्ध सिंह, उमाशंकर पटेल, लखविंदर सिंह, कुलदीप सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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