खुटार के क्रेशर पर प्रदर्शन करते किसान
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खुटार। गन्ने के रेट रोजाना घटाने-बढ़ाने को लेकर आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को खुटार के श्रीराम खांडसारी उद्योग में जमकर हंगामा और नारेबाजी की। किसानों ने मिल का गेट भी बंद कर दिया। ब्लॉक प्रमुख ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाकर शांत किया।
क्रेशर पर कई दिन से गन्ना लेकर खड़े किसान मंगलवार को आक्रोशित हो उठे और मिल का गेट बंद कर तौल बंद करा दी। किसानों ने मिल परिसर में नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का आरोप था कि जब क्रेशर के पास गन्ना कम होता है और पेराई बंद होने नौबत आ जाती है, तो मूल्य बढ़ा दिया जाता है। जब किसान गन्ना लेकर आता है तो रेट कम कर दिया जाता है।
गांव रजमना के किसान सर्वेश अवस्थी ने आरोप लगाया कि वह एक ही प्लाट से पांच ट्रॉली गन्ना क्रेशर पर बेच चुके हैं। अब गन्ने को खराब बताकर सौ रुपये प्रति क्विंटल में खरीदने की बात की जा रही है। किसानों ने बताया कि वह चार दिन से लाइन में खड़े हैं। सोमवार तक गन्ना 240 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा था। मंगलवार को गन्ने का रेट 225 कर दिया। किसानों ने मांग थी कि मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए।
आरोप है कि किसानों को मनमर्जी के दाम देकर औने पौने दामों में गन्ना खरीद कर ठगा जा रहा है। किसानों ने फोन कर गन्ना आयुक्त सहित कई अधिकारियों से शिकायत भी की। सूचना पाकर भाजपा नेता रजनीश दीक्षित और ब्लॉक प्रमुख नमित दीक्षित पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत किया। किसानों ने कहा कि वह लोग शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे। रेट घटाए गए तो आंदोलन किया जाएगा।
मिल के पार्टनर किशन खंडेलवाल ने बताया कि एक किसान सूखा गन्ना लाया था और पूरे रेट चाहता था। उसके अलावा किसी को कोई समस्या नहीं है। प्राइवेट कंपनी है रेट तो बदलते ही रहते हैं। अन्य क्रेशरों पर भी ऐसा ही होता है। किसानों को टोकन व्यवस्था बनाने के लिए दिया जाता है, रेट के लिए नहीं दिया जाता है। जिस दिन जो रेट तय होंगे, गन्ना उसी रेट पर ही खरीदा जाएगा।