पुवायां। कंबाइन में एसएमएस की अनिवार्यता और पराली जलाने पर रोक को गलत बताते हुए किसान संगठनों ने पुवायां में प्रदर्शन कर डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे। ज्ञापन में कहा है कि डीएम ने आदेश किया है कि कंबाइनों में एसएमएस लगाकर ही धान काटा जाए। इससे किसानों का नुकसान हो रहा है। धान कटने के बाद खेत की जुताई करने में अधिक खर्च आता है और समय भी ज्यादा लगता है। कंबाइन में एसएमएस लगने में एक माह का समय लगता है। तब तक धान खेत में ही गिर जाएगा। पहले किसानों के ऊपर दर्ज पराली जलाने के मुकदमे वापस लिए गए और अब पराली नहीं जलाने का आदेश जारी किया है।
सरकार को पराली खेतों से उठवाकर गोशाला भिजवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। सात अक्तूबर को पुवायां मंडी में पंचायत की जाएगी और दोनों आदेश वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन करेंगे। गन्ने का बकाया भुगतान दिलाने, गांवों में घूम रहे पशुओं को गोशाला भिजवाने आदि मांगें भी की गई हैं। मंजीत सिंह धालीवाल, सुखचैन सिंह, संदीप सिंह, बाबूराम, राजीव गंगवार सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बंडा में जाम लगाने की कोशिश, पुवायां में प्रदर्शन
पुवायां/बंडा। कंबाइन में एसएमएस लगाकर धान की कटाई करने के आदेश के विरोध में किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के कार्यकर्ताओं ने बंडा में मुख्य चौराहे पर जाम लगाने की कोशिश की। पुवायां में कार्यकर्ताओं ने कई घंटे तक धूप में बैठ कर प्रदर्शन किया। भाकियू कार्यकर्ता शनिवार दोपहर बंडा में मुख्य चौराहे पर पहुंचे और जाम लगाने का प्रयास किया।
सूचना पर पहुंचे थाना प्रभरी मनोज कुमार ने एसडीएम से वार्ता कर समस्या का हल कराने की सलाह देते हुए किसानों को मना लिया और पुवायां भेज दिया। पुवायां के राजीव चौक पर तमाम कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। तीन घंटे तक किसान धूप में बैठे रहे। इसके बाद डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
इसमें छोटे किसानों का धान तौलने के लिए अलग कांटे लगाने, आढ़तों पर धान 17 सौ रुपये से कम पर खरीदने पर कार्रवाई करने, कंबाइन में एसएमएस की अनिवार्यता समाप्त करने, पराली जलाने की अनुमति देने की मांग की गई है। इस दौरान जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल, तरविंदर सिंह, रंजीत सिंह, भानु प्रताप सिंह, जगमेल सिंह, प्रेम सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, काला सिंह, विक्रमजीत सिंह आदि मौजूद रहे।