तिलहर। चीनी मिल ग्राउंड पर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा की हुई महापंचायत में किसान नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की मांग की। किसान नेताओं में किसानों से दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने की अपील की।
महापंचायत को भारतीय किसान मजदूर यूनियन राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पराज सिंह यादव ने कहा कि शाहजहांपुर शहीदों की धरती है, देश की आजादी में जनपद के तमाम लोगों ने शहादत दी थी। अब फिर शहादत का वक्त आ गया है। देश का अन्नदाता खून के आंसू रो रहा है। तीनों कृषि कानून लागू होने से किसानों की खेती गिरवी रख जाएगी और किसान बंधुआ मजदूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात कही गई थी लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।
तराई संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष सरदार तेजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार बात-बात में किसानों पर मुकदमे लाद देती है। दिल्ली में उन पर चार मुकदमे हैं, लेकिन इसका उन्हें कोई डर नहीं है। देश का एक मंत्री किसानों को खदेड़ने की बात करता है। किसान यह सब बर्दाश्त नहीं करेगा। असली किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि यह देश किसानों का है और देश की आजादी में किसानों ने बढ़-चढ़कर शहादत दी है।
महापंचायत को यूनियन के लखनऊ से आए प्रदेश अध्यक्ष कमलेश यादव, सीतापुर से आए राष्ट्रीय शक्ति मोर्चा के अध्यक्ष उमाशंकर यादव, सिख समाज के अध्यक्ष अजायब सिंह, क्रांतिकारी किसान यूनियन के शशिकांत, भारतीय किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हरीश दून, मुशीर खान, इमरान, आत्मजीत सिंह, प्रमोद यादव जनसेवक, सुखपाल सिंह, प्रमोद वर्मा, महेंद्र सिंह यादव, जवाहर लाल यादव, ओमप्रकाश सिंह ने भी संबोधित किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सह-सचिव रामशंकर लाल गुप्ता, सुरेश कुमार, किसान सभा के सुरपति सिंह, नीलकमल, नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह पुलिस बल और एक प्लाटून पीएसी के साथ सभास्थल पर मौजूद रहे।
गुरु के लंगर पर रही भीड़
मंच से कुछ दूर पर सिख समाज के लोगों ने गुरु का लंगर लगाकर आए हुए किसानों को भोजन और चाय का इंतजाम किया। एक ट्रक में भरकर लाए सामान को सिख समाज के लोगों ने लंगर लगाकर किसानों की खूब मेहमाननवाजी की। भोजन और चाय लेने वाले की भीड़ लगी है।