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यूक्रेन में फंसे बच्चे, चिंता में परिजनों की उड़ गई नींद

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शाहजहांपुर। रूस और यूक्रेन में युद्ध के बाद हालत काफी ज्यादा खराब हो गए हैं। जनपद के कई छात्र अलग-अलग शहरों में फंसे हैं। बृहस्पतिवार से मिसाइल और बम से हमला होने के बाद छात्र-छात्राएं काफी दहशत में हैं। छात्र सुरक्षा की दृष्टि से वहां के बंकरों में छिप गए हैं। मुश्किल समय में छात्र परिजन से वीडियो कॉल के जरिये अपनों से संपर्क साधकर जानकारी साझा कर रहे हैं। युद्ध के दौरान छात्र यूक्रेन में विपरीत परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार वाले चिंता से जूझ रहे हैं। सभी ईश्वर से बच्चों के सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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बम धमाके से टूटी नींद, शहर में ब्लैक आउट, हालात बहुत खराब
आनंदपुरम कॉलोनी निवासी दीपांशु वर्मा ने अपने पिता संजय वर्मा को जो कहानी सुनाई, वह चिंता बढ़ाने वाली है। दीपांशु ने पिता को बताया कि यूक्रेन में हालात काफी खराब हैं। बम धमाके के साथ ही शहर में ब्लैक आउट हो गया। कर्फ्यू के कारण बाहर निकलने तक पर पाबंदी है। दीपांशु और उनके भाई अभिषेक वर्मा बीएन कराइजेन खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहे हैं। बकौल दीपांशु, बृहस्पतिवार सुबह बम धमाके की आवाज सुनकर मेरी नींद टूटी। बाहर की ओर भागे तो खिड़की हिल रही थी। कुछ समझ नहीं आया। बस बाहर लोग सुरक्षित स्थान पर जाने की जुगत में लगे थे।
उसके बाद हमारी आंखों से नींद गायब हो चुकी थी। कुछ देर के बाद दोस्तों के फोन कॉल और मैसेज आना शुरू हुए। तब पता चला कि खारकीव पर पहला अटैक हुआ। इस बीच युद्ध शुरू होने का एनाउंस कर कर्फ्यू लगा दिया। इतनी देर में हम दुकान पर गए। खाने का सामान और पानी का इंतजाम कर लिया। इस बीच फिर से एनाउंस कर सभी से सुरक्षित ठिकानों पर जाने के निर्देश दिए। अंडरग्राउंड होने के लिए इंडियन छात्रों के साथ दोनों भाई मैट्रो के बंकर में चले गए।
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हालत सुधरे तो ठंड ने किया परेशान
दीपांशु ने बताया कि रात दो बजे तक बंकर में सर्दी ने परेशान करना शुरू कर दिया। बाहर झांक कर देखा तो हालात में सुधार था। लिहाजा, बाहर निकलकर अपने हॉस्टल की ओर चल दिए। इस बीच बिजली कट कर दी गई। चारों तरफ अंधेरा था। जैसे-तैसे अपने हास्टल के रूम तक पहुंच पाए। दीपांशु ने बताया कि रूस की सेना ने कीव के एयरपोर्ट पर कब्जा कर लिया। हालात काफी ज्यादा खराब हो गए हैं। लगातार धमाकों की आवाज आ रही है। जिसके चलते नींद तक उड़ गई है। दीपांशु के मुताबिक हॉस्टल के हेड ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर भारतीय दूतावास गाइडलाइन की जानकारी दे रहे हैं।
दीया जला बेटों की वापसी की प्रार्थना
संजय वर्मा अपने बेटे दीपांशु वर्मा और अभिषेक वर्मा की आपबीती सुनकर अंदर तक हिल गए। बमों और मिसाइलों की आवाज से जागे दीपांशु ने अपने पिता को व्हाट्सएप कॉल के जरिए पूरी कहानी सुनाई। इसके बाद से दीपांशु की मां दीपा वर्मा, दादी रामबेटी, बहन एना वर्मा आदि काफी ज्यादा चिंतित हैं। दीपा और रामबेटी ने युद्ध के हालात को देखते हुए भगवान की मूर्ति के सामने दीया जलाकर बेटों की सकुशल वापसी की प्रार्थना की। अंतरराष्ट्रीय विपणन संवर्धन परिषद के राष्ट्रीय संयोजक संजय वर्मा अपने बच्चों से लगातार फोन के माध्यम से जुड़े हैं। मोहल्ले के लोग भी घर पर पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं। संजय ने बताया कि 2014 में भी ऐसे ही हालत बने थे। तब स्थिति में जल्द सुधार आ गया था।
पापा... बाहर धमाके हो रहे, हम बंकर में सुरक्षित हैं
सकलैन जिया अंसारी ने शुक्रवार दोपहर पिता जियाउद्दीन अंसारी को व्हाट्सएप कॉल की। बताया कि पापा...हम एक बार फिर से फ्लैट के बंकर में आ गए हैं। बाहर बम के धमाकों की आवाज आ रही है। दहशत का माहौल बना हुआ है। पानी की व्यवस्था कर ली है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। जिया ने बताया कि बृहस्पतिवार से रूस ने हमले शुरू कर दिए हैं। कई बार खतरे के सायरन के बाद बंकरों में जाने के निर्देश हुए हैं। शुक्रवार दोपहर को एक बार फिर से सायरन बजने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से बंकर में आ गए हैं। भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए हुए है। वहां से आश्वासन मिला कि प्रमाण पत्रों को साथ रखें, सारा सामान छोड़ दें। वह किसी भी समय यहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जा सकते हैं।
अंसारी दंपती ने मांगी बेटे की सकुशल वापसी की दुआ की
मोहल्ला महमंद हद्दफ निवासी पशुपालन विभाग में कार्यरत जियाउद्दीन अंसारी और कम्पोजिट स्कूल महमंद जंगला की प्रधानाध्यापिका अंजुम आरा की नींद उड़ी है। दोनों ने पेट भर खाना नहीं खाया। दंपती को यूक्रेन के कीव में फंसे बेटे सकलैन जिया अंसारी की फिक्र है। जियाउद्दीन से बेटे के बारे में रिश्तेदार पल-पल की जानकारी ले रहे है। शुक्रवार दोपहर जियाउद्दीन ने जुमे और उनकी पत्नी अंजुम आरा ने जोहर की नमाज अदा कर बेटे के सकुशल वापसी के लिए अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ मांगी। लगातार टीवी पर अपडेट और भयंकर मंजर को देखकर अंजुम आरा काफी ज्यादा परेशान हैं। रिश्तेदार और उनके पति लगातार उन्हें ढांढस बंधाए हुए हैं। जियाउद्दीन बोले-अल्लाह पर भरोसा है, बेटे की सकुशल वापसी होगी।
भारतीय छात्रों ने सुरक्षित निकालने की मांग की
अल्हागंज। जलालाबाद के गांव खजुआहार रामपुर निवासी श्रीपाल कुशवाहा के पुत्र निशांत कुशवाहा और वेदपाल कुशवाहा के पुत्र हरिओम भी कीव में हैं। दोनों ने बताया कि यूक्रेन पर कभी भी रूस का कब्जा हो सकता है। भीषण युद्ध चल रहा है। मिसाइलों से हमला किया जा रहा। ऐसे में पर सरकार हम लोगों को भी सुरक्षित अपने देश में वापस लाए। निशांत कुशवाहा ने शुक्रवार को फोन पर बताया कि बमबारी से सभी भारतीय छात्रों में दहशत है। हमले के समय सभी छात्र मकान या हॉस्टल के बंकर में छिप गए हैं। वहीं दूसरी तरफ युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे होने की वजह से परिवार के लोग काफी दुखी और चिंतित हैं। परिवार को विश्वास है कि प्रधानमंत्री सभी को सुरक्षित निकाल लेंगे। संवाद
एटीएम में पैसे खत्म, पानी का संकट भी गहराने की आशंका
खलीलगर्वी निवासी डॉ. मजीद की बेटी इंतेसाम खान उर्फ जिया यूक्रेन के विनस्तियां में है। हालांकि, यहां तक अभी सेना नहीं पहुंची है। फिर भी दहशत का माहौल है। जिया लगातार अपने पिता के संपर्क में हैं। डॉ. मजीद ने बताया कि बेटी के पास राशन खत्म हो रहा है। सेना आगे बढ़ेगी तो इंटरनेट भी बंद हो जाएगा। ऐसे में बेटी से संपर्क टूट सकता है। काफी ज्यादा चिंता हो रही है। बोले-एटीएम में कैश नहीं निकल रहा है। पानी का संकट भी गहरा रहा है। उन्होंने अपील की है कि भारत सरकार बच्चों को सुरक्षित निकालने में मदद करें।
आंखों से उड़ गईं नींद, रात दो बजे तक देखे टीवी पर समाचार
शहर के मोहल्ला महमंद जंगला निवासी मोहम्मद आसिफ का बेटा मोहम्मद सानी भी यूक्रेन के खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद आसिफ और उनकी बेगम सबिहा, बेटी आफिया और कनम दीनिश काफी चिंतित हैं। इकलौते बेटे की फिक्र में पूरा परिवार काफी परेशान है। आसिफ हर एक घंटे में बेटे से अपडेट ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को उनकी फोन पर बात हो रही थी, लेकिन अब वहां के हालात बिगड़ने के बाद बिजली काट दी गई। इसके बाद से मोबाइल की बैटरी बचाए रखने के लिए मोहम्मद सानी ने मैसेज में बातचीत शुरू कर दी है। यूक्रेन के हालत खराब होने पर दूर-दराज में रहने वाले रिश्तेदार भी लगातार फोन कर जानकारी ले रहे हैं। आसिफ बताते हैं कि बेटे की इतनी ज्यादा फिक्र है कि रात दो बजे तक टीवी पर समाचार देखें। उम्मीद है कि जल्द ही कोई हल निकल आएगा।
दो दिन से नहीं खोला मेडिकल स्टोर, बेटे की सता रहीं चिंता
मेडिकल स्टोर स्वामी गिरीश अवस्थी का बेटा हर्ष अवस्थी यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहा था। रूस द्वारा यूक्रेन के खारकीव पर हमले के बाद से काम-काज छोड़कर खबरों के माध्यम से वहां की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी पत्नी आरती अवस्थी भी अपने बेटे की चिंता में काफी ज्यादा परेशान हैं। हालात खराब होने के बाद हर्ष से परिजन लगातार बात भी नहीं कर पा रहे हैं। उसने बैट्री डाउन होने की बात कहते हुए खुद ही मैसेज करने की बात कही है। युद्ध को देखते हुए परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। रिश्तेदार भी उनके घर हर्ष के बारे में जानने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।

मोहम्मद सानी ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

दीपांशु वर्मा ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

अभिषेक वर्मा ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

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