आरसी मिशन क्षेत्र में रौसर में खंभे को लगवाते पूर्व शिक्षक विधायक। संवाद
रोजा। गांव रौसरकोठी और आसपास के अन्य पांच गांवों की बिजली आपूर्ति 54 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी। सोमवार को लाइन खींचने पहुंची टीम के सामने लोगों ने हंगामा किया। वे करंट से युवक की मौत के बाद मुआवजे की मांग कर रहे थे। इस बीच पूर्व शिक्षक विधायक की परिजनों से नोकझोंक भी हुई।
शनिवार को घर में नल की सरिया हाईटेंशन लाइन से छूने से गांव रौसरकोठी निवासी रोजा चीनी मिल के मजदूर सुभाष गौतम (35) की करंट लगने से मौत हो गई थी। नाराज परिजनों ने लाइन को हटाने की मांग को लेकर शव उठाने से मना कर दिया था। रविवार को बिजली निगम के कर्मचारी लाइन हटाने पहुंचे तो मृतक के घर के पास खाली पड़े प्लाॅट के मालिक ने टीम को रोक दिया। लोगों के हंगामा करने पर लाइन नहीं जुड़ पाई।
सोमवार सुबह एक बार फिर टीम पहुंची और मृतक के घर से लगभग तीन सौ मीटर दूर खाली पड़े प्लाॅट से अस्थायी व्यवस्था के तहत तारों को खिंचवाकर विद्युत व्यवस्था को सुचारु रूप से शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इस पर मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग शुरू कर दी। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो वे ट्रांसफार्मर का तार पकड़ लेंगे। मुआवजा मिलने पर लाइन को जोड़ा जाए।
पूर्व शिक्षक विधायक संजय मिश्रा ने बताया कि मुआवजे की सारी कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गई है। मुआवजा मिलने की जिम्मेदारी वे खुद लेते हैं। इसके बाद भी मृतक के परिजन नहीं माने। इस पर संजय मिश्रा ने कहा कि बिजली की जरूरत आप लोगों को नहीं है तो अपना कनेक्शन कटवा दीजिए। बाकी पांच गांवों की विद्युत आपूर्ति को शुरू करा देते हैं। इसको लेकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर काम को रोक दिया गया।
पूर्व विधायक ने पांच गांवों की आपूर्ति को शुरू कराने के लिए अधिकारियों से बात की। तय हुआ कि रौसर कोठी चौराहे से दनियापुर तक नए खंभे के माध्यम से लाइन लेकर जाएंगे। इसकी स्वीकृति होने के बाद एसडीओ हीरालाल गुप्ता ने नए खंभे को लगवाने का काम शुरू कर दिया। एसडीओ ने बताया कि विद्युत खंभे के साथ नई हाईटेंशन लाइन को बिछाने का काम शुरू किया जा चुका है। मंगलवार दोपहर तक विद्युत आपूर्ति को शुरू कर दिया जाएगा।