फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

144 मदरसों को स्थाई मान्यता के लिए पुन: करना होगा आवेदन

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ द्वारा संचालित अस्थाई मान्यता प्राप्त मदरसों को नवीकृत/स्थाई किया जाना है। मान्यता लेने के लिए मदरसा संचालकों को पुन: आवेदन करना होगा। इसके लिए परिषद के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने फरमान जारी कर दिया है। इस नए फरमान से मदरसा संचालकों के सामने कठिनाइयां हो सकती हैं।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित कक्षा एक से पांच तक व कक्षा छह से आठ की मान्यता जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा अनुमोदित की जाती थी। इस पर मदरसा नियमावली 2016 लागू होने से तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। जिला स्तर से मान्यता न होकर अब परिषद कार्यालय लखनऊ से मान्यता होगी। जिसको लेकर मदरसा संचालकों का कहना है कि इस तरह के आदेश का अनुपालन करना मुश्किल होगा, क्योंकि अधिकांश मदरसे लोगों के घरों ओर किराए की कमरों में चल रहे हैं। जबकि स्थाई मान्यता प्राप्त करने के लिए मानकों को पूरा करना होगा। जिले में कुल 176 मदरसे हैं, इनमें 32 ही स्थाई मान्यता प्राप्त हैं। अस्थाई मान्यता प्राप्त मदरसों को हर पांच साल बाद पुन: मान्यता लेनी होती है।
स्थाई मान्यता के ये है मानक
मदरसा एवं सोसाइटी के नाम भवन होना चाहिए। मदरसे में कक्षा 5 तक न्यूनतम 300 स्क्वायर फिट के तीन कमरे बने हों। कक्षा 8 तक न्यूनतम 300 स्क्वायर फीट के 6 कमरे तथा 150 स्क्वायर फीट के दो कक्ष होना चाहिए, जिसमें एक प्रधानाचार्य कक्ष व कार्यालय के लिए हो। आलिया स्तर तक कक्षा 9 व 10 तक 300 स्क्वायर फुट के नौ कमरे 150 स्क्वायर फीट के दो कमरे जिसमें एक प्रधानाचार्य कक्ष व कार्यालय हेतु और 300 स्क्वायर फीट में लाइब्रेरी होना आवश्यक है। अस्थाई मान्यता के लिए कक्षाओं का मानक वही है, बस निजी भवन न होकर किराए के भवन में संचालित हो सकता है। जिसके लिए रजिस्टर्ड किरायानामा होना जरूरी है।
विज्ञापन

मान्यता प्राप्त मदरसों को मिलती हैं ये सुविधाएं
मदरसों में पंजीकृत बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके, इसके लिए विभाग से उन्हें विभिन्न तरह की योजनाओं से लाभान्वित किया जाता रहा है। मान्यता प्राप्त मदरसों में विज्ञान, अंग्रेजी, कंप्यूटर विषयों की पढ़ाई के लिए नियुक्त आधुनिक शिक्षकों का मानदेय शासन से दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें