शाहजहांपुर। मरीजों का उपचार करने के लिए बनाए गए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट के सहारे चल रहे हैं। यहां प्रत्येक मर्ज के नाम पर नीली-पीली गोली देकर मरीजों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। खांसी का सीरप और कानदर्द के लिए ड्रॉप तक नहीं दे रहे हैं।
शहर के 11 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए मात्र नौ डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। इसके चलते मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर तरीके से नहीं मिल पा रही हैं। शुक्रवार को आरोग्य मंदिर की पड़ताल की तो अव्यवस्था की तस्वीर सामने आ गई। दोपहर 12:55 बजे मोहल्ला जलालनगर की पीएचसी में पहुंचे। यहां 12 मरीज देखे जा चुके थे। अंगुली में दर्द और खांसी आने की वजह बताई तो मरीज की तरफ देखे बिना डॉक्टर ने दवा लिख दी। चार तरह की टेबलेट उपलब्ध करा दी। खांसी का सीरप देने को कहा तो फार्मासिस्ट ने कहा कि टेबलेट ही काम करेगी।
इसके बाद 1:30 बजे आरोग्य हेल्थ मंदिर लोधीपुर में पहुंचे। यहां डॉक्टर का कक्ष बंद था। पड़ोस में स्टाफ नर्स मरीज देख रही थी। अंदर के सारे कक्ष बंद पड़े थे। डॉक्टर का गेट बंद देखकर कुछ मरीज लौट गए। बताया कि डॉक्टर अवकाश पर हैं। डॉक्टर के अवकाश पर होने के बावजूद कोई दूसरी व्यवस्था नहीं की गई थी।
करीब 1.55 मिनट पर हनुमत धाम से रेती को जोड़ने वाले पुल के पास बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्टाफ नर्स मरीजाें को देख रही थी। कान में दर्द और खांसी की बीमारी बताई। स्टाफ नर्स ने पर्चे पर दवाई लिख दी। फार्मासिस्ट ने यहां भी टेबलेट दे दी। पूछा कि कान में डालने के लिए ड्रॉप दे दीजिए। जवाब मिला कि डॉक्टर ने नहीं लिखा। फिर भी फार्मासिस्ट ने एक ड्रॉप दिया।
वहां से तीन बजे बाडूजई प्रथम में स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कटिया टोला में पहुंचे। दवा बांटने वाले फार्मासिस्ट मोबाइल में गाने बजाकर कुर्सी पर आराम की नींद ले रहे थे। काफी देर इंतजार के बाद मेज थपथपाई तो उठ बैठे। बोले : पर्चा बनाने का काम दूसरी कर्मचारी करती हैं। यहां पर दवा मिलती है। नाराजगी भरे लहजे में बोले कि दवा लेने दो बजे तक आया करो। अस्पताल खुलने का समय पांच बजे तक होने का तर्क देने पर बोले कि दो बजे तक सारा डाटा रजिस्टर पर अंकित कर दिया जाता है।
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डॉक्टर इस्तीफा दे रहे, नए की नियुक्ति नहीं
-स्वास्थ्य विभाग की नौकरी डॉक्टरों को रास नहीं आ रही है। दस मार्च को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी की डॉ. ज्योति कुशवाहा ने इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अजीजगंज में कार्यरत डॉ. रजत मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। उनका पीजी में चयन हो गया है। इससे पहले पीएचसी सरायकाइयां से डॉ. अर्सलान, बाबूजई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सौम्या रस्तोगी, ककरा पीएचसी की डॉ. फागुनी और सुभाषनगर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सोनम ने इस्तीफा दिया था। 11 पीएचसी में मात्र नौ ही डॉक्टर रह गए हैं। नई नियुक्ति के लिए विज्ञापन दिया गया है।
महिला मरीजों को भटकना पड़ रहा, डॉक्टर ही नहीं
-महिलाओं की सेहत को लेकर विभाग फिक्रमंद नहीं है। शहरी क्षेत्र में एक मात्र महिला डॉ.आसमा सिद्दीकी हैं। वह जलालनगर पीएचसी पर पार्टटाइम में कार्यरत हैं। शेष किसी भी सेंटर पर महिला डॉक्टर की नियुक्ति नहीं है। ऐसे में महिला मरीजों को विशेषज्ञ का लाभ नहीं मिल पा रहा है। महिलाएं निजी अस्पताल जाने को मजबूर हैं।
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डॉक्टरों की कमी की वजह से स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई गई है। खांसी के सीरप के बजाय टेबलेट दी जाती है। स्टोर से सीरप के आने की जानकारी की जाएगी। उसकी मांग भी भेजी जाएगी।
डॉ.मनोज मिश्रा, डिप्टी सीएमओ
शाहजहांपुर के कटियाटोला के आरोग्य हेल्थ मंदिर में दोपहर तीन बजे सीट पर बैठकर सोते फार्मासिस्ट।