जैतीपुर की खेड़ारठ पीएचसी में मरीजों को देखते डॉक्टर। संवाद
शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगाने के नाम पर मात्र जिले में खानापूरी की जा रही है। डॉक्टरों के नहीं आने से मरीज भी आने से कतरा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मी व फार्मासिस्ट ही ड्यूटी निभा रहे हैं।
कुर्रिया कलां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे आरोग्य मेले में डॉक्टर नदारद रहे। इससे फार्मासिस्ट कृपाशंकर पाठक ने दोपहर तक दस व स्टाफ नर्स दिव्या मिश्रा ने 16 मरीजों का परीक्षण कर दवाई दी। चार मरीजों के खून जांच की गई।
परौर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे जन आरोग्य मेले में डॉक्टर नहीं पहुंचे। यहां पर स्वास्थ्य कर्मी ने मरीजों का परीक्षण किया। बुखार, खांसी, सिर दर्द आदि के 12 मरीज पहुंचे, जिन्हें दवा दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी मात्र नाम के लिए बनी है। खून की जांच से लेकर इंजेक्शन तक लगाने की सुविधा यहां नहीं है।पीएचसी सेहरामऊ दक्षिणी में 21 मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दी गईं। डॉ. उस्मान अली ने बताया कि चर्म रोग, सर्दी-जुकाम, खांसी से पीड़ित मरीज आ रहे हैं।
-
खेड़ारठ में घूमते मिले छुट्टा पशु
जैतीपुर। पीएचसी खेड़ारठ की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। रविवार को आरोग्य मेले में डॉ. आशीष शर्मा व फार्मासिस्ट मोहम्मद अकरम ने 54 मरीजों की जांच कर दवाई बांटी। पीएचसी परिसर की चहारदीवारी टूटी मिलने पर लावारिस जानवर घूमते मिले। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल के सामने से निकले नाले की सफाई नहीं होने से गंदगी रहती है। झाड़ियां उग आने से मच्छरों का प्रकोप भी है। दूसरी ओर डभौरा पीएचसी पर फार्मासिस्ट आदिल ने 24 मरीरों का परीक्षण किया।
जैतीपुर की खेड़ारठ पीएचसी में मरीजों को देखते डॉक्टर। संवाद