शाहजहांपुर के कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह । स
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शाहजहांपुर। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने गन्ना विकास विभाग और चीनी मिलों के अधिकारियों को पेराई सत्र 2021-22 समय से आरंभ करने के लिए मिल कारखानों की वार्षिक मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके सभी मिलों में मिल हाउस, पावर हाउस, ब्वॉयलर हाउस आदि अनुभागों से संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए समय सीमा निर्धारित कर उनका नियमित निरीक्षण करने और 25 अक्टूबर तक मिलों को चलाने लायक बनाने के निर्देश दिए। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा में बीते पेराई सत्र का बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल पर अभी तक 1.02 अरब रुपये गन्ना मूल्य बकाया होने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
डीएम ने कहा कि नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले समस्त बकाया गन्ना मूल्य और विकास अंशदान का भुगतान कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि नए पेराई सत्र में चीनी मिलें समय से गन्ना मूल्य भुगतान के लिए बैंकों से सीसीएल के लिए आवेदन करें और इसकी सूचना जिला गन्ना अधिकारी के माध्यम से एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराएं। यदि बैंक के स्तर से कोई समस्या है तो उसे संज्ञान में लाकर उसका भी निस्तारण कराएं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने कहा कि जनपद की सभी मिलों में मिल हाउस, बॉयलिंग हाउस, बायलर और पावर हाउस के अनुरक्षण का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
रोजा चीनी मिल के अधिशासी उपाध्यक्ष बृजेश शर्मा ने बताया कि चीनी मिल 30 अक्तूबर तक पेराई के लिए तैयार हो जाएगी। डीएम ने कहा कि सभी चीनी मिलों में मशीनों की मरम्मत और रखरखाव का काम प्रत्येक दशा में 25 अक्टूबर तक पूरा किया जाए, जिससे कि उन्हें समय से चलाया जा सके।
डीसीओ के अनुसार अब तक 1.46 लाख किसानों का भुगतान हो चुका है। जनपद के 94 प्रतिशत गन्ना किसानों को भुगतान कर दिया गया है, लेकिन डीएम मकसूदापुर मिल पर किसानों की एक अरब से रुपये से ज्यादा की देनदारी होने पर खासे खफा हुए। बैठक में पुवायां सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक आरसी श्रीवास्तव, तिलहर सहकारी चीनी मिल के मुख्य रसायनविद् एके श्रीवास्तव, निगोही मिल के अधिकारी डीडी शर्मा व पीपी पंत आदि मौजूद रहे।