बताया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी की शुरुआत शनिवार दोपहर 3.03 बजे से रविवार शाम 5.20 बजे तक होगी। दीपावली में प्रदोष काल की प्रधानता होती है। पंचांग के अनुसार 22 अक्तूबर को धनतेरस, 23 को रूप चतुर्दशी और 24 को महालक्ष्मी पूजा होगी। 25 को सूर्य ग्रहण तथा 26 को गोवर्धन पूजा के कारण 27 अक्तूबर को भाई दूज मनाया जाएगा। कई पंचांगों में प्रदोष काल में 22-23 अक्तूबर के दोनों दिनों में त्रयोदशी तिथि मिल रही है। 23 अक्तूबर को ही रूप चर्तुदशी का दीपदान किया जाएगा और दीपावली की 24 अक्तूबर को अभ्यंग स्नान किया जाएगा।
पांच राशियों के लिए लाभकारी
आचार्य सत्यम दीक्षित ने बताया कि शनि प्रदोष पहले दिन रहेगा, वहीं दूसरे दिन सर्वार्थसिद्धि, अमृत सिद्धि योग रहेगा। दूसरे दिन शनिदेव मार्गी हो सीधी चाल चलेंगे। मेष, मिथुन, तुला, सिंह और धनु राशियों के लिए शनि का गोचर विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। इसके अलावा अन्य राशियों के लिए मिला-जुला फल देने वाला रहेगा।
22 अक्टूबर को खरीदारी का मुहूर्त
शुभ : सुबह 7:50 - 9:15 और रात 8:55 - 10:30 बजे तक।
चल : दोपहर 12:05 - 1:30 बजे तक।
लाभ : 1:31 - 2:55 और शाम 5:45 - 7:20 बजे तक।
अमृत : दोपहर 2:55 - 4:20 और रात 10:31 - 12:05 बजे तक।
23 अक्तूबर को खरीदारी व धनवंतरी पूजन के लिए मुहूर्त
चल : सुबह 7:51 - 9:15 और रात 8:54 - 10:30 बजे तक।
लाभ : सुबह 9:15 - 10:40 लाभ।
अमृत : 10:40 - 12:05 और रात 7:20 - 8:54 बजे तक।
शुभ : दोपहर 1:30 - 2:55 व शाम 5:44 - 7:20 तक।