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किस्मत की बेरहम मार: चार साल बाद मिली मासूम, फिर भी मां ने अपनाने से किया इनकार, रुला देगी महिला की पीड़ा

Wed, 19 Oct 2022 02:36 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

परिवार से बिछड़ी बच्ची चार साल से अनाथालय में थी। अनाथालय में ही उसे नया नाम रिमझिम दिया गया था। बाल कल्याण समिति में दर्ज ब्योरे के मुताबिक रिमझिम जब दो साल की थी, तब उसकी मां उसे लेकर जिला अस्पताल आई थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बरेली जिला अस्पताल में परिवार से बिछड़ी दो साल की मासूम की मां को पुलिस ने चार साल बाद आखिर ढूंढ ही लिया, लेकिन किस्मत फिर भी परिवार से उसके मिलन में आड़े आ गई। अपनी ही व्यथा में घिरी मां ने यह कहते हुए उसे साथ ले जाने से इनकार कर दिया कि वह अब दूसरी शादी कर चुकी है और उसका पति पहले से तीन बेटियों के साथ एक और बेटी साथ रखने को तैयार नहीं है।

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परिवार से बिछड़ी बच्ची चार साल से अनाथालय में थी। अनाथालय में ही उसे नया नाम रिमझिम दिया गया था। बाल कल्याण समिति में दर्ज ब्योरे के मुताबिक रिमझिम जब दो साल की थी, तब उसकी मां उसे लेकर जिला अस्पताल आई थी। यहीं मां से उसका हाथ छूट गया और वह बिछड़ गई। चाइल्ड लाइन के जरिए उसे अनाथालय में भेज दिया गया। चार सालों में रिमझिम अनाथालय के दूसरे बच्चों के साथ हिलमिल गई और उन्हें ही अपना परिवार समझने लगी लेकिन इसी बीच उसकी किस्मत ने एक बार नया मोड़ ले लिया।

हाल ही में कोतवाली पुलिस ने उसकी मां का पता लगाने में कामयाब हो गई। मामला फिर चाइल्ड लाइन के पास पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने उसे लाकर मंगलवार को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया तो उसने स्वीकार किया कि रिमझिम जिला अस्पताल में ही उससे बिछड़ी थी। उसका नाम कोमल था। बच्ची को उसके सुपुर्द करने की बात हुई तो उसने उसे साथ ले जाने से साफ इन्कार कर दिया।
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उसने बताया कि उसका पहला पति शराब पीकर उसे बहुत पीटता था। बहन के कहने पर पहले पति को छोड़कर वह दूसरी शादी कर चुकी है। दूसरी शादी के बाद उसके तीन बेटियां हैं। उसका पति चौथी बेटी के रूप में रिमझिम को साथ रखने को तैयार नहीं है। वह भी पति और तीन बेटियों को नहीं छोड़ सकती, इसलिए वह इस बच्ची को साथ नहीं ले जा सकती। काफी समझाने के बाद बच्ची के नाना-नानी ने उसका खर्च उठाने की हामी भरी। तब कहीं बमुश्किल वह बेटी को साथ ले जाने को तैयार हुई।
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