शाहजहांपुर में संत निरंकारी मिशन सत्संग भवन में विराट महिला समागम में प्रवचन करतीं मुखी रीता या
शाहजहांपुर। संत निरंकारी मिशन सत्संग भवन में विराट निरंकारी महिला समागम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं को सदद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया।
आजमगढ़ से आईं मुखी रीता यादव ने कहा कि आज संसार बिखरा और बंटा हुआ है। सहनशीलता का स्तर गिर चुका है। जुबान से निकली एक बात भी बर्दाश्त नहीं होती। किसी की भाषा, मजहब, पहनावा और तौर तरीके बर्दाश्त नहीं होते हैं। कहा कि जिस प्रकार बगीचे में नाना प्रकार के फूल होते हैं। उन्हें कभी लड़ते हुए नहीं देखा गया। भक्त भी धरती को सजाते-संवारते हैं और मानवता के लिए वरदान होते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य स्वयं के लिए ही जीता है। खुद की जाति, धर्म, भाषा, संस्कृति तक ही सीमित रहता है। उसमें दूसरों के लिए सहनशीलता एवं त्याग का भाव नहीं होता। परंतु संत सदैव दूसरों के लिए जीवन जीते हैं। इस मौके पर भजनों की रसधारा भी बहाई गई। सत्संग में मुखी हरिओम श्रीवास्तव, उपेश रावत, शिक्षक विवेक, ममता सक्सेना, श्रद्धा राठौर, नैंसी मिश्रा आदि मौजूद रहे।
शाहजहांपुर में संत निरंकारी मिशन सत्संग भवन में विराट महिला समागम में प्रवचन करतीं मुखी रीता या