स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कृपा से क्षेत्र में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने और बिना डिग्री के लोगों का इलाज करने का धंधा खूब फल फूल रहा है। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ नरेशपाल ने गांव चेना में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। इस दवा की दुकान पर लाइसेंस नहीं मिला, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
डिप्टी सीएमओ मंगलवार को गांव चेना पहुंचे। जानकारी पाकर झोलाछाप और अवैध रूप से मेडिकल स्टोर चला रहे लोग दुकाने बंद कर खिसक लिए। एक मेडिकल स्टोर पकड़ में गया। डिप्टी सीएमओ ने यहां जांच पड़ताल की, दवा बेचने वाले के पास कोई कागजात नहीं मिलने के बाद भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इस दौरान लोगों ने तीन किमी दूर गांव मियांपुर में एक झोलाछाप के बड़ा अस्पताल चलाए जाने की जानकारी डिप्टी सीएमओ को दी। डिप्टी सीएमओ को गांव मियांपुर पहुंचने में दो घंटे लग गए। इस दौरान मियांपुर के झोलाछाप में अस्पताल में भर्ती रोगियों को जबरिया घर भेज दिया और अस्पताल से सभी दवाएं हटाने के बाद शटर बंद कर दिया। डिप्टी सीएमओ यहां औपचारिकता पूरी कर वापस चले गए। इसके बाद सभी मेडिकल स्टोर और झोलाछाप डॉक्टरों ने अपनी दुकानें फिर खोल लीं। शिकायत करने वालों को आरोप है कि निरीक्षण की जानकारी पहले से ही दे दिए जाने के कारण मियांपुर का झोलाछाप पकड़ में नहीं आ सका।
चेना में मेडिकल स्टोर के मुआयने के दौरान कागजात नहीं मिले हैं। इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी। मियांपुर में झोलाछाप की शिकायत मिली थी, लेकिन अस्पताल चलता नहीं मिला। लोगों के फोन आ जाने के कारण मियांपुर पहुंचने में देरी हो गई।
-डॉ. नरेशपाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी