शाहजहांपुर। डेंगू से मरने वाले मरीजों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को बरेली में इलाज के दौरान मेंथा व्यवसायी के बेटे की डेंगू से मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। वहीं खास बात यह है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक एक भी मौत नहीं हुई है।
मिर्जापुर के मेंथा व्यवसायी अमित कुमार के बेटे मनमोहन उर्फ गोलू (17) तीन दिन पहले तेज बुखार आया था। मनमोहन को फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने उनकी डेंगू की जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि होने के बाद उसको हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। पिता अमित और चाचा डॉ. महेंद्र गुप्ता ने मनमोहन को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार सुुबह मनमोहन ने दम तोड़ दिया।
मनमोहन की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। लगातार जिले रहने वाले लोगों की बरेली और फर्रुखाबाद समेत अन्य जिलों में मौते हो रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार डेंगू से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि प्रतिदिन राजकीय मेडिकल कालेज में जांच के दौरान डेंगू पीड़ित मरीज निकल रहे हैं। मंगलवार को राजकीय मेडिकल कालेज में 63 जांचें की गई। इसमें डेंगू पीड़ित 14 मरीज निकले हैं।