फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टैक्स जरूरी, पानी की गारंटी नहीं

विज्ञापन
शाहजहांपुर की सुभाषनगर कॉलोनी में नाली न होने के कारण सड़क पर बहता हैंडपंप का पानी । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शहर की सुभाषनगर कॉलोनी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं रहने से नालियां गंदगी से पटी हुई हैं। गलियों की सड़कों पर गड्ढे और पुलिया टूटी है। इसकी वजह से आए दिन राहगीर चोटिल होते हैं। कॉलोनी में दो बार पाइप लाइन पड़ने के बाद अभी तक पानी की आपूर्ति तो नहीं हुई, लेकिन घरों में वाटर टैक्स का बिल जरूर पहुंचता है। इन समस्याओं से कॉलोनी वासी खासे परेशान हैं।
विज्ञापन

लाल इमली चौराहा से सुभाषनगर कॉलोनी की दूरी करीब दो किमी है। यहां पर करीब 900 मकान बने हुए हैं। जैसे-जैसे शहर की जनसंख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस कॉलोनी का विस्तार हो रहा है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं से कॉलोनी के वाशिंदे अब भी अछूते हैं। अभी तक आधी कॉलोनी में बिजली तक नहीं पहुंची है। कॉलोनी की गलियों में पाइप लाइन डालने के लिए सड़क को खोदा गया था।
इसे जल निगम की ओर से जैसे-तैसे ठीक कराया गया। अब गलियों में सड़क बैठने से गड्ढे हो गए है। इसकी वजह से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी होती है। पाइप लाइन पड़ने के बाद आज तक पानी नहीं आया, जबकि वाटर टैक्स लगातार आ रहा है। नगर निगम के कर्मचारी सफाई में लापरवाही बरतते हैं, जिससे नालियां गंदगी से पटी हुई हैं। प्लॉटों में पानी भर गया है, जिससे मच्छर की तादाद बढ़ गई है। बीमारियां पनपने का खतरा सता रहा है।
विज्ञापन

कॉलोनी वासियों की बात
40-50 सालों से इसी कॉलोनी में रह रहे हैं। नगर निगम बनने के बाद सड़क तो बन गई, लेकिन घर में पानी नहीं आया। सफाई भी सही से नहीं की जाती है। घर के सामने एक पुलिया काफी समय से टूटी पड़ी है। जिसकी वजह से आए दिन लोग चोटिल होते हैं। - रामवती
कॉलोनी में दो बार पाइप लाइन पड़ चुकी है। पहले सपा शासनकाल में और फिर भाजपा की सरकार बनने के बाद। कॉलोनी की गलियों को खोदकर पाइप लाइन डाली गई, लेकिन जलापूर्ति नहीं हुई, नगर निगम की ओर से वॉटर टैक्स का बिल जरूर आता है। - राजीव, कॉलोनी वासी
कॉलोनी में कई प्लाट खाली पड़े हैं, जिनमें बाढ़ और नालियों का पानी भर गया है। इसकी वजह से मच्छरों की तादात इतनी ज्यादा हो गई है कि बीमारियों का प्रकोप बढ़ने का खतरा बना हुआ है। नालियों की सफाई भी ठीक से नहीं होती, गंदगी से पटी हुई हैं। - आजाद, कॉलोनी वासी
भैंसों के गोबर से सड़कों पर गंदगी रहती है। कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम का काम है, लेकिन इसका ध्यान नहीं रखा जा रहा। नगर निगम की ओर से साफ-सफाई ढंग से होनी चाहिए, लेकिन न जाने ऐसा क्यों नहीं हो रही। - महेंद्र प्रताप सिंह
बिजली के खंभे तिरछे हो चुके हैं, उन पर लगी स्ट्रीट लाइटें भी खराब होती रहती हैं। सबसे बड़ी दिक्कत कॉलोनी की मुख्य सड़क हाईवे से जुड़ने के बाद से जाम लगने की हो गई है। जिस सड़क से सभी वाहन निकलते हैं, उस पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। - विजय कुमार
कॉलोनी में नई प्लाटिंग के बाद कई मकान बन गए हैं, लेकिन अभी तक खंभे न लगने के कारण बिजली नहीं पहुंची है। नगर निगम की ओर से पानी की निकासी के लिए नया नाला बनवाया गया था, उसकी दीवार गिर गई है। सड़क की ओर पुलिया टूटी पड़ी है। - सुभाष चंद्र यादव
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें