शाहजहांपुर। रक्षाबंधन के बाद लोग और कामगर लौटने शुरू हो गए हैं। रोडवेज का किराया महंगा होने के चलते ट्रेनों में काफी भीड़ उमड़ने से रेलवे का भीड़ प्रबंधन पटरी से उतर गया। रात में मुख्य गेट पर यात्री लेटकर जगह घेर लेते हैं। ऐसे में हादसा होने का डर बना रहता है।
रोडवेज की बसों में मुफ्त सफर खत्म होने के बाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ उमड़ने लगी है। सोमवार की रात करीब साढ़े नौ बजे टिकट काउंटर पर यात्रियों की लंबी लाइन लगी थी। यहां पर सुरक्षाकर्मी नदारद थे। इसके चलते जल्द टिकट पाने के लिए यात्रियों में हाथापाई की नौबत तक आ गई।
किसी तरह समझाकर शांत किया गया। इसी तरह प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की खूब भीड़ थी। जगह नहीं बचने पर लोगों ने मुख्य निकासी गेट तक पर कब्जा जमा लिया। कुछ दिन पहले दिल्ली में हादसा होने पर अफसरों ने मुख्य गेट पर लोगों को नहीं बैठने देने के निर्देश दिए थे। उसके बावजूद जिम्मेदार मुंह मोड़े रहे। रात में प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर ट्रेन आने पर सीट घेरने को लेकर मारा-मारी रही। इसी तरह मंगलवार को जननायक एक्सप्रेस में काफी भीड़ रही।
अवैध वेंडरों की भरमार, आरपीएफ मेहरबान
रेलवे के दस्तावेजों में 80 से 85 वेंडर ही पंजीकृत हैं, लेकिन सौ से डेढ़ सौ वेंडर खान-पान की सामग्री बेच रहे हैं। नियम के अनुसार, पंजीकृत वेंडर अपने स्टाॅल से सामग्री की बिक्री करेंगे। लेकिन, वे ट्रेन के अंदर और प्लेटफॉर्म से बिक्री करते हैं। रेलवे के स्थानीय अधिकारी आरपीएफ का सहयोग नहीं मिलने के कारण अवैध वेंडरों पर कार्रवाई करने से कतराते हैं। स्थानीय आरपीएफ के कार्रवाई नहीं करने पर गत दिनों कमांडेंट उत्कर्ष नारायण ने खुद कार्रवाई करते हुए सुपरफास्ट ट्रेन को रोककर वेंडरों को पकड़ा था। हालत यह है कि प्लेटफॉर्म पर पानी के बूथों के नीचे वेंडर खान-पान की सामग्री रख लेते हैं, लेकिन आरपीएफ के जवान कार्रवाई नहीं करते हैं। ऐसे में उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पर्वों पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ रहती है। इसलिए संरक्षा व सुरक्षा को ध्यान में रखकर अतिरिक्त इंतजाम किए जाते हैं। सभी विभागों के सहयोग से स्टेशन पर रुकने वाली गाड़ियों की नियमित पूरी जानकारी यात्रियों को दी जाती है। हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल आने पर यात्रियों को सहायता दी जाती है। अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं।
- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम
रक्षाबंधन के बाद यात्रियों की भीड़ होने के बाद प्लेटफॉर्म पर लेटे यात्री। संवाद