रेप पीड़िता के आत्मदाह करने की घटना के बाद एसपी ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को परौर थानाध्यक्ष व दो दरोगा को निलंबित कर दिया है। दोनों दरोगाओं के खिलाफ मामले में लापरवाही बरते जाने की रिपोर्ट सीओ जलालाबाद शिव प्रसाद दुबे की तहरीर पर दर्ज की गई है। इस बीच रेप के आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोप है कि परौर क्षेत्र के एक गांव की महिला के साथ झोलाछाप डॉक्टर विनय कुमार कश्यप ने 18 अगस्त को इंजेक्शन लगाने के बहाने घर में आकर रेप किया था। मामले की तहरीर दिए जाने के बाद भी पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आरोप है कि इसी वजह से उसे धमकी मिली और इससे आहत होकर उसने बुधवार शाम घर में खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। उसे उसी दिन शाम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने नायब तहसीलदार को बयान भी दर्ज कराए थे। बृहस्पतिवार शाम को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इस मामले में तहरीर मिलने के बाद भी कार्रवाई न करने पर प्रथम दृष्टया थाना पुलिस को दोषी पाया गया। इस पर एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने परौर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार, दरोगा लोकेश कुमार और लाल सिंह राना को निलंबित कर दिया। दोनों दरोगाओं पर लापरवाही बरतने का आरोप होने के कारण सीओ जलालाबाद की तहरीर पर धारा 166ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है, इसकी विवेचना सीओ तिलहर करेंगे।