इसे अधिकारी कर्मचारियों की चूक कहें या लापरवाही। पुवायां क्षेत्र के किसानों को बारिश से खराब हुई फसलों को ज्यादा मुआवजा दे दिया गया। जानकारी होने पर राजस्वकर्मियों में हड़कंप मच गया। सोमवार को तमाम लेखपाल अपने क्षेत्र में वितरित किए गए चेकों को वापस लेने का काम करते रहे। कुछ किसानों ने चेक बैंक खाते में जमा कर दिए है, उनसे ज्यादा दी गई राशि वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है।
बारिश से फसल खराब होने पर 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाना था। इसमें 13500 रुपये केंद्र सरकार और 4500 रुपये राज्य सरकार दे रही है। पुवायां में किसानों को 18 हजार रुपये के बजाय 22500 रुपये प्रति हेक्टेयर के चेक काट कर वितरित कर दिए गए। सोमवार को गलती संज्ञान में आई तो एसडीएम से लेकर तहसीलदार और राजस्वकर्मियों में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि कर्मचारियों ने 18 हजार रुपये केंद्र सरकार और 4500 रुपये राज्य सरकार की ओर से दिया जाना समझकर चेक काटकर वितरित कर दिए। चेक वितरित किए जाने के समय भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
सोमवार को पूरा दिन सभी लेखपाल अपने क्षेत्रों में किसानों से चेक वापस लेने में जुटे रहे। जिन किसानों ने चेक वापस कर दिए हैं उन्हें दूसरे चेक दिए जाएंगे। जिस बैंक के चेक काटे गए हैं उसके मैनेजर को कह दिया गया है कि ज्यादा राशि के चेक का भुगतान रोक दिया जाए। दूसरा चेक जारी होने पर ही भुगतान किया जाए। इसको लेकर लेखपाल काफी खिन्न नजर आए। लेखपालों का कहना है कि अधिकारी पहले सही जानकारी नहीं देते हैं और बाद में गलती का ठीकरा उनके सिर फोड़ दिया जाता है।
किसानों से होगा विवाद
पुवायां। जिन किसानों को ज्यादा राशि के चेक मिल गए हैं उनसे चेक वापस लेने में लेखपालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान चेक वापस नहीं कर रहे हैं और उल्टे तमाम सवाल जवाब कर रहे हैं। कुछ किसान को कर्मचारियों से झगड़ा करने तक पर उतारू हो रहे हैं। चेक वापस लेने के बाद किसानों को कम राशि के चेक मिलेंगे तब भी विवाद होने की आशंका है।
धोखे से जारी हो गए चेक
ज्यादा राशि के चेक अधिकारियों और कर्मचारियों की गलती से जारी हो गए हैं। चेक वापस लिए जा रहे हैं और सही राशि के चेक तत्काल मुहैया कराए जा रहे हैं। जो किसान चेक नहीं दे रहे हैं और ज्यादा भुगतान निकाल लेंगे उनसे ज्यादा ली गई राशि की रिकबरी की जाएगी।
- रत्नाकर मिश्रा, तहसीलदार पुवायां