किशोरी ने मजिस्ट्रेट को दिए बयानों में कहा है कि योगेश ने छेड़खानी का विरोध करने पर घर में घुसकर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी, लेकिन इस मामले में पुलिस का कहना है कि किशोरी ने छेड़खानी से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस किशोरी के बयानों को झुठला रही है। पुलिस ने धाराओं में खेल करते हुए छेड़खानी, आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस किशोरी को बालिग मान रही है, पुलिस ने पाक्सो की एक्ट भी नहीं लगाया है, जबकि किशोरी के परिवार वालोें के मुताबिक उसकी उम्र 17 वर्ष है।
लपटों से घिरा देख कांपा लोगों का कलेजा
घटना के बाद पीड़िता अपनी जान बचाने के लिए घर के बाहर भागी। गांव वालों ने पीड़िता को आग की लपटों के बीच घिरा देखा तो उनका कलेजा कांप गया। कुछ दूर जाकर पीड़िता जमीन पर गिर गई। कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत करके कंबल और बिछौना डालकर किशोरी को आग की लपटों से बचाया।
सूचना देने पर पुलिस ने कहा, सुबह थाने आना
शाम को किशोरी के साथ हुई छेड़खानी की सूचना उसके परिवार वालों ने थाने में फोन से दी, लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई करने के बजाय कह दिया कि सुबह थाने आ जाना। अगर पुलिस शाम को ही छेड़खानी की सूचना मिलने पर गांव पहुंच जाती और योगेश के खिलाफ एक्शन ले लेती तो शायद किशोरी जलने से बच जाती। पुलिस की लापरवाही की वजह से किशोरी दरिंदगी का शिकार हो गई।
स्कूल के सर्टिफिकेट के आधार पर लड़की की उम्र 21 वर्ष है। लड़की द्वारा मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा धारा 304 में तरमीम कर दिया जाएगा। आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार, एएसपी सिटी
मुफलिसी की जिंदगी जी रहा है पीड़िता का परिवार
दरिंदगी की शिकार हुई किशोरी का परिवार बहुत गरीब है। दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए परिवार के सदस्यों को हाड़ तोड़ मेहनत करनी पड़ती है। पीड़ित के घर के हालात ऐसे हैं कि उसमें दरवाजे और खिड़कियां तक नहीं हैं। लोगों की नजरों से बचने के लिए दरवाजे पर सेंटा की टटिया लगा रखी हैं। पीड़ित के पिता के पास कृषि योग्य भूमि भी नहीं है। दूसरे के खेतों में मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। परिवार में पीड़िता के अलावा दो बहनें और दो भाई हैं। इनमें एक बहन का विवाह हो चुका है। बाकी सब पीड़िता से छोटे हैं। पीड़िता के पिता उसकी शादी के लिए वर की तलाश कर रहे थे, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया।
खुदागंज में भी छेड़खानी के विरोध में जलाई गई थी किशोरी
थाना खुदागंज क्षेत्र के एक गांव में 27 नबंवर 2014 को छह युवक एक किशोरी के घर में घुस गए थे। युवकों ने घर में अकेली किशोरी के साथ छेड़खानी का प्रयास किया। विरोध करने पर युवकों ने किशोरी पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी थी। किशोरी ने दस दिन के बाद बरेली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया था। इस घटना बाद गांव में काफी तनाव रहा था। तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात की गई थी। आरोपियों के परिवार वालों ने किशोरी के घर वालों को मुकदमा वापस लेने की धमकी दी थी।
योगेश पहले भी गांव में कर चुका है छेड़खानी
रोजा। किशोरी का जलाने वाला आरोपी योगेश आपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसने इससे पहले भी गांव में एक लड़की के साथ छेड़खानी की थी, इसके साथ ही एक लड़की बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। शिकायत होने पर भी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए उसके हौसले बुलंद हो गए और उसने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे डाला।
ग्रामीणों के मुताबिक योगेश शातिर किस्म का है। उसने पहले भी गांव की एक लड़की के साथ छेड़खानी की थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामले को निपटा दिया था। इसके अलावा योगेश गांव की एक किशोरी को बहला-फुललाकर ले गया था। जिसमें पीड़ित की तरफ से थाने में शिकायत की गई थी। पुलिस ने इस मामले को भी लीपापोती करके निपटा दिया था। इसके अलावा योगेश गांव में शराब पीकर आए दिन बवाल करता रहता है। गांव में खुलेआम जुआ करवाता है। ग्रामीणों ने बताया कि योगेश चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों को भी अंजाम दे चुका है, लेकिन उसके खिलाफ पुलिस ने कभी भी कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को हुई घटना के मामले में पुलिस कई घंटों तक अनभिज्ञता जताती रही।