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पीड़ित पक्ष का आरोप, हत्यारोपियों को बचा रही पुलिस

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कांट थाना क्षेत्र के इंदेपुर गांव में मारपीट की घटना के दौरान खड़े हमलावर। वायरल वीडियो - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बलवीर हत्याकांड में कांट पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष पुलिस पर आरोपियों को प्रश्रय देने का आरोप लगा रहा है। पीड़ित के मुताबिक वीडियो में साफ दिख रहा है कि 20 से ज्यादा लोग हाथ में लाठी-डंडे लेकर हमला कर रहे हैं लेकिन रिपोर्ट सिर्फ आठ लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। वहीं एक दूसरा वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें हमलावर बुरी तरह से घायल जमीन पर पड़े बुजुर्ग पर लाठियां बरसा रहे हैं, बावजूद इसके पुलिस का रवैया नरम है।
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मंगलवार की सुबह कांट थाना क्षेत्र के गांव इंदेपुर निवासी प्रधान हरिराम और पूर्व प्रधान वीरेंद्र के बीच चल रही चुनावी रंजिश में पूर्व प्रधान के रिश्तेदार बलवीर (63) की प्रधान पक्ष ने लाठी-डंडों से गांव के चौराहे पर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पीड़ित पक्ष को पिटता हुआ छोड़कर पुलिसकर्मी भाग गए थे। घटना के बाद बलवीर के बेटे नीटू की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान समेत आठ हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर की थी। बुधवार सुबह कांट थाना पुलिस ने नामजद आरोपियों में उमेश, मुकेश, विमल, रूपराम और अशोक को कांट क्षेत्र के जिंदो वाली पुलिया के पास एक मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल खून से सनीं पांच लाठियां भी बरामद की हैं। पांचों आरोपियों से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया है।
घटना का मुख्य आरोपी मौजूदा ग्राम प्रधान हरिराम समेत तीन आरोपियों को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। यहां पर कांट थाने का खुफिया तंत्र भी फेल साबित हो रहा है। हालांकि घटना में पुलिस के आलाधिकारी पीड़ित पक्ष को छोड़कर भागने वाले पुलिसकर्मियों की लापरवाही नहीं मान रहे हैं।
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पीड़ित पक्ष का आरोप, पूरे मामले के पीछे एक दरोगा जिम्मेदार
पीड़ित पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे थाने का एक दरोगा जिम्मेदार है। सोमवार की रात दावत के दौरान दोनों पक्षों में हुई मारपीट में दोनों पक्ष के तीन लोग घायल हो गए थे। सूचना पर थाने की पुलिस पहुंची थी। इसमें एक दरोगा ने सिर्फ प्रधान पक्ष की बात सुनकर पीड़ित पक्ष पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। बाद में पुलिस ने रात में ही दबिश देकर बलवीर के बेटे नीटू समेत तीन लोगों को पकड़कर थाने ले गई। प्रधान पक्ष पर कोई कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हो गए। वीरेंद्र का आरोप है कि मंगलवार को हत्याकांड के बाद थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी गांव में लगाई गई है, लेकिन पुलिसकर्मी आरोपियों के घरों के पास बैठकर उनकी सुरक्षा कर रहे हैं। दरोगा भी आरोपियों के घर के पास उनका खाना खा रहा है। इसकी शिकायत थाना प्रभारी से फोन पर की गई। थाना प्रभारी ने उस दरोगा की ड्यूटी गांव से हटाने का पूर्व प्रधान को आश्वासन दिया। आरोप है कि घटना का मुख्य आरोपी प्रधान हरिराम समेत कई आरोपी ऐेसे हैं जो खुलेआम घूम रहे हैं। इनमें एक आरोपी गांव में अपने घर पर है। हत्या में शामिल प्रधान समेत अन्य आरोपियों को बचाया जा रहा हैं। वीडियो में भी साफ दिख रहा है कि मारपीट में प्रधान समेत बीस से ज्यादा लोग शामिल हैं। इसके बावजूद सिर्फ आठ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। घटना के समय प्रधान पक्ष द्वारा घेरने के बाद पुलिसकर्मियों के भागने के करीब पौन घंटे बाद थाने का पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा था। आरोप है कि अगर समय रहते पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करती तो बलवीर जिंदा होता।
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वायरल वीडियो में दिखी भीड़ की हैवानियत
घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें एक मिनट पांच सेकेंड के एक वीडियो में दिख रहा है कि हमलावर लाठी डंडों से जमीन पर पड़े बलवीर को पीट रहे हैं। परिवार की युवतियां उन्हें छोड़ देने के लिए गिड़गिड़ा रहीं हैं। मगर हमलावर नहीं मान रहे। वीडियो बनाने वाला संभवता बलवीर का बेटा है जो चिल्ला रहा है कि उसके पापा को मार दिया-मार दिया। बाद में हमलावर खुद ही वहां से चले जाते हैं।
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पुलिस वालों ने किया था सुरक्षा का वादा, सबसे पहले भाग निकले
शाहजहांपुर। पीड़ित पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह ने बताया मंगलवार की सुबह प्रधान पक्ष ने मौजीराम के साथ मारपीट कर घायल कर दिया था। सूचना पर डायल 112 और थाने से बाइक से दो सिपाही गांव पहुंचे थे। उस वक्त उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया था कि रास्ते में दोबारा से प्रधान पक्ष हमला कर सकता है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कहा कि उनके रहते कोई कुछ नहीं कर सकेगा। घायल मौजीराम को अपने वाहन से अस्पताल ले चलो। पूर्व प्रधान का भाई सूरज बोलेरो गाड़ी से मौजीराम को अस्पताल लाने के लिए निकला था। बोलेरो गाड़ी में घायल का एक रिश्तेदार भी था। सबसे आगे डायल 112 पुलिस की गाड़ी, उसके पीछे थाने से आए सिपाही बाइक से जा रहे थे। सबसे पीछे बोलेरो गाड़ी चल रही थी जिसमें घायल मौजीराम था। भाई बलवीर और ओमप्रकाश पैदल चल रहे थे । तभी रास्ते में प्रधान पक्ष ने पुलिसकर्मियों और मौजीराम की गाड़ियों को घेर लिया था। मौजीराम को अकेला छोड़कर सबसे पहले डायल 112 गाड़ी पर सवार पुलिसकर्मी भागे। इसके बाद बाइक सवार पुलिसकर्मी भी चले गए। बोलेरो के ड्राइवर ने गाड़ी को बैक गियर में लेकर करीब चार से पांच सौ मीटर तक अपने घर तक ले गए थे। इसी बीच प्रधान पक्ष ने मौजीराम के भाई बलवीर और ओमप्रकाश को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। संवाद
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पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है।
-अरविंद कुमार, सीओ सदर

कांट पुलिस की गिरफ्त बलवीर हत्याकांड के पांचों आरोपी । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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