विजय ने पुलिस को बताया कि रामबहादुर उसकी झूठी शिकायत पिता से करता रहता था। इस कारण उसके पिता अक्सर उसे पीटते रहते थे। इस वजह से वह रामबहादुर से खुन्नस रखता था। गुरुवार को वह खेत गया था, वहां से रामबहादुर उसे घर ले आया। इसके बाद वह रामबहादुर के साथ साइकिल से बड़ागांव आया और भाई को शराब पिला दी। वापस जाते समय नशे के कारण रामबहादुर साइकिल से गिर गया, जिस कारण उसके चेहरे पर चोट भी लग गई। कुछ देर बाद उसने रामबहादुर की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को फेंक कर घर आ गया।