शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) रश्मि नंदा ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 57-57 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि में से 75 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर प्रदान करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। 24 नवंबर 2016 को उसकी बेटी पैदल स्कूल जा रही थी। तभी उसका रिश्तेदार सोनू कार लिए हुए उसे रास्ते में मिल गया। उसने स्कूल तक छोड़ने की बात बेटी से कही तो वह कार में बैठ गई। गाड़ी में एक युवक और बैठा हुआ था। दोनों ने बेटी को कुछ सुंघा दिया, जिसके वह बेहोश हो गई और उसे एक स्थान पर ले गए जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
वादी की तहरीर के आधार पर 15 अप्रैल 2017 को गांव दिलावरपुर भटकर निवासी सोनू और एक अज्ञात के खिलाफ थाना रामचंद्र मिशन में रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचक ने पीड़िता का बयान दर्ज किए और सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव महमदपुर निवासी अंकुर पाल व सोनू के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील राजीव अवस्थी, दिलीप कुमार चौहान के तर्क सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने सोनू और अंकुरपाल को मामले में दोषी पाया। दोनों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है।