फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दहेज के लिए हत्या में पति और सास को सात-सात वर्ष के कैद की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश प्रीति सिंह ने दहेज हत्या के एक मामले में दोषी पति और सास को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन

शासकीय अधिवक्ता भावशील शुक्ला ने बताया कि पुवायां के आनंद वाटिका निवासी वादी नोसे अली ने 15 फरवरी, 2016 को सिंधौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक साल पहले उसने अपनी बेटी रहनुम निशा की शादी महमूदापुर निवासी राशिद अली के साथ की थी। दहेज से पति राशिद, सास शमीमा बेगम, राशिद के मामू मुकद्दर अली आदि संतुष्ट नहीं थे।
वे लोग अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। 15 फरवरी, 2016 को किसी व्यक्ति ने फोन कर उन्हें बताया कि उसकी बेटी की मौत हो गई है। शव घर पर रखा हुआ है। जब नोसे अली बेटी की ससुराल पहुंचा तो घर पर ससुराल के लोग नहीं मिले। विवेचक ने विवेचना के बाद राशिद अली और शमीमा बेगम के विरुद्ध आरोप पत्र आईपीसी की धारा 498-ए, 304बी और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में अदालत भेजा।
विज्ञापन

अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील भावशील शुक्ला के तर्कों को सुनने के बाद राशिद अली और सास शमीमा बेगम को दोषी पाते हुए उन्हें सात-सात साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें