शाहजहांपुर। दुष्कर्म के एक मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो)/ अपर सत्र न्यायाधीश रश्मि नंदा ने दोषी को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दोषी को दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के वकील राजीव अवस्थी और दिलीप चौहान के मुताबिक कांट थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी कि आठ सितंबर 2016 की शाम करीब चार बजे उसकी पंद्रह वर्षीय बेटी खेत में घोड़ा बांधने गई थी। वहां गांव का सद्दाम पहले से छुपकर बैठा हुआ था। सद्दाम ने बेटी को गन्ने के खेत में खींच लिया। बेटी के चिल्लाने पर सद्दाम ने तमंचा दिखाकर धमकाया और दुष्कर्म किया। बेटी ने वारदात के बाद घर आकर परिजनों को आपबीती बताई।
जब परिजन आरोपी के घर शिकायत करने गए तो उन लोगों ने उन्हें धमकाया। वादी की तहरीर पर कांट पुलिस ने 15 सितंबर को एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। गवाहों के बयानात और सरकारी वकील के तर्कों से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश ने सद्दाम को दोषी पाते हुए आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।