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कपड़ा कारोबार को सरकार से मदद की आस

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तिलहर। इस वर्ष कपड़ा कारोबार कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गया। होली के बाद सहालगी बिक्री की कपड़ा व्यापारियों ने बड़ी उम्मीद संजोई थी, उस पर संक्रमण के कारण पानी फिर गया। कोरोना कर्फ्यू लग जाने से सारा कारोबार चौपट हो गया। शादी बरात वालों ने किसी तरह अपना काम निपटाया।
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अप्रैल और मई के महीने में कपड़े का सबसे बड़ा सीजन था लेकिन सब बेकार साबित हुआ। अब व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानों पर सामान भरा पड़ा है, उसका ब्याज भी नहीं निकल रहा है।
पिछले वर्ष से कपड़ा व्यापार पूरी तरह से चौपट है। इस वर्ष भी सहालगी सीजन शुरू होते ही कोरोना कर्फ्यू लग गया और बाजार बंद हो गया। बाजार बंद होने से सहालगी बिक्री नहीं हो पाई। कपड़ा व्यापारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बरसात आ गई है। काम-धंधा चौपट है। व्यापारियों के रुपये देना है। बिक्री न होने के कारण रुपये कहां से दिया जाएगा, यह बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। -उपेंद्र अग्रवाल
कपड़ा व्यापार पर दोहरी मार पड़ने से व्यापारी बहुत परेशान है। संक्रमण के कारण व्यापार बंद होने से शादी विवाह की होने वाली बिक्री पूरी तरह चौपट हो गई। दुकान में माल भरा है लेकिन बिक्री न होने से व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है। अब कोई सीजन नहीं है व्यापारी परेशान हैं। सीजन शुरू होते हैं कोरोना संक्रमण व्यापारियों को दबोच लेता है। व्यापारी सरकार के दुख-सुख में साथ देता है लेकिन सरकार व्यापारी के बारे में नहीं सोचती है। -रामप्रकाश गुप्ता छुट्टन
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कपड़ा व्यापार पिछले दो साल से चौपट है। व्यापारी खून के आंसू रो रहा है। दुकान में माल भरा पड़ा है लागत का ब्याज भी नहीं निकल रहा है । कोरोना संक्रमण ने कपड़ा व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। अब बरसात शुरू हो गई है और काम-धंधा पूरी तरह चौपट हो गया है। व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है व्यापारी बहुत परेशान है इस समय खाली हाथ बैठा है सरकार को चाहिए कि व्यापारियों को राहत पैकेज उपलब्ध कराएं। -मयंक अग्रवाल
कपड़ा व्यापारी बहुत परेशान है। सहालगी सीजन को कोरोना खा गया। पिछले वर्ष भी ऐसा हुआ था इस वर्ष भी व्यापार चौपट हो गया। दुकान में माल भरा है। व्यापारियों का लेन-देन भी करना है। बिक्री न होने से बड़ा संकट सामने खड़ा है। सरकार अपना टैक्स वसूल रही है लेकिन कोई राहत नहीं दी जा रही है। कोरोना संक्रमण का कपड़ा व्यापार पर सीधा असर पड़ा है। कपड़ा व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। -तुषार अग्रवाल
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