शाहजहांपुर। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ के विरोध में कांग्रेसी शुक्रवार को पुलिस से भिड़ गए। टाउनहॉल स्थित पार्टी कार्यालय में धरना देने के बाद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट की ओर बढ़े, लेकिन वहां मुस्तैद पुलिस ने उन्हें नगर निगम कार्यालय में लगीं शहीद प्रतिमाओं के पास रोक लिया। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओें की पुलिस से धक्का-मुक्की की। इस दौरान बैरियर टूट गया। बाद में पार्टी पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया।
कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी ने दो दिन पहले ही पार्टी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन के बाद कलक्ट्रेट का घेराव करने का कार्यक्रम घोषित किया था। कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुंचे और वहां सभा करके धरना दिया। जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार के दबाव में प्रवर्तन निदेशालय और दिल्ली पुलिस जिस प्रकार कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को पीट रही है, उसे पूरा देश देख रहा है।
महानगर अध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता डरने और दबने वाले नहीं हैं। सभा के बाद जैसे ही कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट की ओर कूच करना चाहा, पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने स्लाइडिंग बैरियर लगाकर रास्ता रोका तो कार्यकर्ता भड़क गए। गुस्साए कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की में एक बैरिकेड टूट गया। इस बीच, जिलाध्यक्ष ने कलक्ट्रेट जाकर ज्ञापन देने की जिद में वहीं पर धरना दे दिया। कार्यकर्ता भी वहीं बैठक गए। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें समझाया और वहीं पर ज्ञापन दिय्रा।
ज्ञापन में कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में पुलिसिया कार्रवाई के दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन में एआईसीसी सदस्य अशफाक उल्ला खां, कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनूप वर्मा, मुन्ना सिंह नवादा, तनवीर सफदर, अरुणोद मिश्रा, पूनम पांडेय, इरफान हसन खां, रईस मियां, सुनीता सिंह, मोहिनी सागर, गौरव त्रिपाठी, फुरकान अहमद कुरैशी, फरमान खां, लक्ष्मी नारायण मिश्र, शान मोहम्मद, सुधीर गुप्ता, सुशील शर्मा, आशीष तिवारी, सिकंदर अली, नीरज अवस्थी, इकबाल अंसारी आदि शामिल रहे।