शाहजहांपुर। चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2021-22 की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। जबकि सैकड़ों किसानों का चीनी मिलों पर भुगतान बकाया है। पिछला भुगतान न होने से किसान बेहद परेशान हैं।
डालमिया ग्रुप की निगोही और बिरला ग्रुप की रोजा चीनी मिल किसानों को पिछले पेराई सत्र का शत प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी हैं। मगर बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल, सहकारी क्षेत्र की तिलहर व पुवायां चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य का अभी 1.59 अरब रुपये बकाया है। इसमें 98.82 करोड़ रुपये अकेले मकसूदापुर मिल पर बकाया है।
शासन ने मिलों को खरीदे गए गन्ने का 14 दिन में भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन शासन का निर्देश कागजों तक सीमित रहा। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर स्थित चीनी मिल पर भुगतान के मामले में फिसड्डी चल रही है। डालमिया ग्रुप की निगोही और बिरला ग्रुप की रोजा मिलें अपवाद हैं, जो संपूर्ण भुगतान कर चुकी है। तिलहर और पुवायां की सहकारी मिलें एक माह के अंदर संपूर्ण भुगतान करने की स्थिति में आ गई हैं, लेकिन मकसूदापुर मिल अभी तक बमुश्किल 54 फीसदी भुगतान कर सकी है।
जुलाई में किसानों द्वारा बजाज ग्रुप की मिल गेट पर धरना प्रदर्शन किया गया था। तब डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने मिल प्रबंधन को चीनी बेचकर किसानों का बकाया चुकाने के निर्देश दिए थे। इस बीच, भुगतान में तेजी लाने के लिए प्रशासन के प्रस्ताव पर शासन ने मिलों के चीनी के स्टॉक में किसानों की हिस्सेदारी 85 से बढ़ाकर 90 फीसदी कर दी है। इस व्यवस्था के तहत मिलों के गोदाम से जो भी चीनी बिकेगी उससे प्राप्त केवल दस प्रतिशत धनराशि मिलों के अनुरक्षण पर खर्च होगी और शेष रकम से किसानों को भुगतान किया जा रहा है। मिल प्रबंधन चीनी की बिक्री से प्राप्त धनराशि समेत ग्रुप की अन्य मिलों से वित्तीय सहायता लेकर किसानों को रोजाना औसतन एक करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है, लेकिन अगले पेराई सत्र की शुरुआत तक किसानों को संपूर्ण बकाया मिलने में संदेह है।
सरकार कह रही है कि गन्ना भुगतान करा दिया गया है, लेकिन बजाज चीनी मिल ने पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का 54 प्रतिशत भुगतान ही किया है। किसान बेहद परेशान है, लेकिन भुगतान जल्द कराने कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
- अनिल सिंह यादव, पुवायां
सरकार को चीनी मिलों पर सख्ती कर अपने वायदे के अनुसार 14 दिन में भुगतान कराना चाहिए। अभी तो भुगतान में साल भर लग जाता है। ऐसे में किसानों को गन्ने की खेती से मोह भंग हो रहा है। फसल में लागत पास से लगानी पड़ रही है।
- रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ खुटार
11 जनवरी तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान किसानों के खाते में भेजा जा चुका है। 12 जनवरी का आंशिक भुगतान भी भेज दिया गया है। मिल पर गन्ना खरीद मद में 97.40 करोड़ रुपये बाकी हैं। 54 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। शेष बकाया का किसानों को भुगतान जल्द कर दिया जाएगा।
- हितेंद्र सिंह, महाप्रबंधक (गन्ना), बजाज चीनी मिल, मकसूदापुर
डीएम ने चीनी मिल अधिकारियों के साथ बैठक कर गन्ना भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बजाज ग्रुप की गोला गोकर्णनाथ, पलिया, ऐरा आदि मिलों की तुलना में मकसूदापुर मिल की भुगतान स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। इस मिल के गोदाम में पर्याप्त चीनी है, जो प्रशासन की निगरानी में है। शासन से अनुमति लेकर इस चीनी की बिक्री से प्राप्त 90 प्रतिशत धनराशि से किसानों को भुगतान कराया जा रहा है।
- डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी