शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश से जिले से होकर बहने वाली गंगा-रामगंगा नदियों में पानी बढ़ने लगा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार पिछले 24 घंटे में रामगंगा का जलस्तर 14 सेमी बढ़कर 158.66 मीटर हो गया है। उधर, कलान के भैंसार बांध पर गंगा बीते दिन से 142 मीटर पर स्थिर है। बदायूं के कछला घाट पर गंगा का जलस्तर 60 सेमी बढ़ने से यहां अगले 24 घंटे में गंगा फिर से उफनाने के कगार पर है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सिंचाई विभाग के वरिष्ठ लिपिक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि नरौरा बैराज से पानी की निकासी दो दिन से लगातार बढ़ रही है। आज भी वहां से गंगा में 56756 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है जो कि बीते दिन की तुलना में 34 हजार क्यूसेक ज्यादा है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले नरौरा से निकले अतिरिक्त पानी से बदायूं में गंगा 60 सेमी बढ़ चुकी है। आज निकले अतिरिक्त पानी को हजरतपुर (बदायूं) होकर भैंसार तक पहुंचने में 36 घंटे लगने का अनुमान है। इसलिए गंगा के जलस्तर में अगले दो दिन तक वृद्घि जारी रह सकती है।
उन्होंने बताया कि बीते दिन खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से 51 हजार क्यूसेक से ज्यादा निकले पानी के असर से रामगंगा बरेली के चौबारी घाट से जनपद के परौर क्षेत्र तक बढ़ रही है। गनीमत है कि मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तरी ग्राम पंचायत के मजरा इस्लामनगर और आजादनगर के संपर्क मार्ग और आबादी क्षेत्र अभी बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन इन गावों समेत फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी, चितार आदि के दोबारा बाढ़ से घिरने का खतरा बढ़ रहा है।
रामगंगा से कटान रोकने में नहीं मिली कामयाबी
परौर। बीते दिन की तुलना में आज राम गंगा में पानी बढ़ने से नारायणनगर पश्चिमी और दहिलिया गांव के पास भूमि कटान धीमा पड़ गया है, लेकिन इन दोनों गांवों के कटान वाले ठिकानों पर वायर क्रेट में बालू की बोरियां डालकर अस्थायी ठोकरें बनाने के बावजूद कटान पूरी तरह नहीं थम सका है। यही नहीं, गांव के बाजार मोहल्ला, मोहनपुर बिचपुरी, नारायण नगर पश्चिमी के लोग जान हथेली पर रखकर टीन काटकर बनाई गई जुगाड़ की नाव के सहारे नदी पार जाकर खेतों में फसलों की देखभाल कर रहे हैं। पिछले दिनों बाढ़ का निरीक्षण करने आए डीएम इंद्र विक्रम सिंह से ग्रामीणों ने नारायणनगर के पास कटान रोकने की प्रभावी व्यवस्था के तहत कम से कम तीन ठोकरें बनवाने का अनुरोध किया था, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई पहल नहीं की गई है। क्षेत्र के सुखपाल सिंह, उदयवीर सिंह चंदेल, राजेश सिंह चौहान, सतपाल सिंह, आनंद गुप्ता, सुनील श्रीवास्तव आदि ने रामगंगा के कटान को रोकने के लिए स्थायी विकल्प खोजने की मांग की है। इधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनूप कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि बीते दिन मरम्मत की गई जिओ ट्यूब कटान से बचाव करने में पूरी तरह सक्षम हैं।