शाहजहांपुर में बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते राष्ट्रीय शक्ति दल के महिला पदाधिका?
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शाहजहांपुर। शहरी क्षेत्र के गरीब परिवारों को जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) से आवास दिलाने के लिए राष्ट्रीय हिंदू शक्ति दल की अध्यक्ष सावित्री शर्मा और दो अन्य महिलाएं बृहस्पतिवार दोपहर कलक्ट्रेट में डीएम इंद्र विक्रम सिंह से मिलीं। संगठन की अध्यक्ष का आरोप है कि आवास स्वीकृत करने से मना करने पर उन्होंने प्रार्थना पत्र पर लिखित आख्या देने का अनुरोध किया तो डीएम ने उन्हें चैंबर से बाहर कर दिया। बाद में महिलाओं ने कलक्ट्रेट परिसर मेें डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के समर्थन में महिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे चुकीं सावित्री शर्मा राष्ट्रीय शक्ति दल से जुड़ीं शहर के विभिन्न मोहल्लों की कुछ महिलाओं के साथ आवास की मांग करने कलक्ट्रेट गईं थीं। उस वक्त डीएम अपने चैंबर में अधिकारियों के साथ जनता दर्शन और प्रशासनिक कार्य में व्यस्त थे। बाहर खड़े सुरक्षा गार्ड ने ज्यादा महिलाओं को अंदर जाने से रोका। इस पर सावित्री शर्मा ने राष्ट्रीय शक्ति दल की जिलाध्यक्ष बिंदु सिंह और जिला सचिव पूनम मौर्य के साथ डीएम से भेंट की।
उन्हें प्रार्थना पत्र देकर बताया कि साथ आईं महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तीन वर्ष पहले डूडा कार्यालय में आवेदन किया था। आवेदन के एक वर्ष बाद लेखपाल ने जांच कर तमाम महिलाओं को पात्रता सूची में शामिल कर लिया। तब से दो वर्ष हो चुके हैं और महिलाओं के बार-बार चक्कर काटने पर भी डूडा कार्यालय में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए लाभार्थियों की जिओ टैगिंग प्रक्रिया पूरी कराकर उन्हें आवास दिलाएं।
सावित्री शर्मा और उनके साथ गईं महिलाओं का आरोप है कि आगे की कार्रवाई के लिए आवास नहीं मिलने की आख्या प्रार्थना पत्र पर लिखने का अनुरोध करने डीएम ने उन्हें बाहर निकाल दिया। इस घटनाक्रम की जानकारी पाकर डीएम कक्ष के बाहर खड़ीं समूह की अन्य महिलाओं में गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने डीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में भाजपा कार्यकर्ता की हैसियत से सावित्री शर्मा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि वह 71 वर्ष की वृद्ध महिला हैं, लेकिन आवास की समस्या बताने पर डीएम ने उन्हें चैंबर से बाहर निकलवा दिया। इस दौरान सरला, सुधा, गीता, ज्योति, उमा देवी, ओमवती, फूलमती, रीता देवी आदि महिलाएं मौजूद रहीं। संवाद
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शासन स्तर से पात्रता और अपात्रता का निर्णय होता है। यही बात महिला को बताई गई थी। इस पर लिखित में आख्या देने की बात कहने लगीं। उन्हें केवल चैंबर से बाहर जाने के लिए कहा गया था।
-इंद्रविक्रम सिंह, डीएम