जलालाबाद। भगवान परशुराम मंदिर और उनकी जन्मस्थली को जोड़ने वाले जमदग्नि झील के बहुप्रतीक्षित पर पुल का निर्माण कार्य अब जल्द शुरू होने के आसार हैं। नगर पालिका परिषद द्वारा पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्यदायी संस्था को वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है।
जलालाबाद नगर भगवान परशुराम की जमस्थली के रूप में जाना जाता है। नगर के मोहल्ला खेड़ा में कई फुट ऊंचे टीले पर भगवान परशुराम का वर्षों पुराना मंदिर है। यहां से दो किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में गांव ढकियाइन में ऋषि जमदग्नि का आश्रम है। दूर-दूर तक विख्यात यह दोनों प्राचीन स्थल हजारों लोगों की आस्था से जुड़े हैं। नगर की सीमा मोहल्ला अंबेडकरनगर और जमदग्नि आश्रम के बीच कई एकड़ रकबा में स्थित झील के कारण नगरवासियों समेत दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को जमदग्नि आश्रम (रेणुका देवी मंदिर) तक जाने के लिए काफी लंबा चक्कर काटकर खंडहर रोड से होते हुए जाना पड़ता है। इस दिक्कत को देखते लोग जमदग्नि झील पर पुल निर्माण की मांग वर्षों से करते आ रहे हैं। चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता के प्रयास से करीब डेढ़ साल पहले प्रदेश सरकार ने पुल निर्माण की मंजूरी देते हुए पौने तीन करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत कर दी। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद बीते साल 23 अक्तूबर को यहां पहुंचे मंत्री सुरेश खन्ना ने पुल का शिलान्यास भी कर दिया, लेकिन पालिका प्रशासन की ढिलाई के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। लंबा समय बीत जाने के कारण शिलान्यास का पत्थर भी टूटकर गिर गया। इसे लेकर गत दो अगस्त के अंक में अमर उजाला ने शासन ने दिए पौने तीन करोड़, फिर भी नही शुरू हो सका पुल निर्माण शीर्षक से फोटो सहित खबर प्रकाशित की थी। पुल निर्माण में रुकावट का मसला सुर्खियों में आने के बाद जागे पालिका प्रशासन ने इस दिशा में तेजी दिखाते हुए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर तिलहर की एक कंपनी को पुल निर्माण का ठेका दे दिया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब पुल निर्माण का कार्य एक सप्ताह के अंदर शुरू हो जाने की उम्मीद है।
पुल निर्माण से यह होंगे फायदे
जमदग्नि झील पर पुल निर्माण से भगवान परशुराम मंदिर और उनके जन्म स्थान के रूप में विख्यात जमदग्नि आश्रम के बीच बमुश्किल आधा किलोमीटर दूरी रह जाएगी।
जमदग्नि आश्रम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाएगी और आश्रम के साथ गांव ढकियाइन का विकास होगा।
रोजाना सुबह मार्निंग वॉक को निकलने वाले लोग पुल बन जाने के बाद बहुत कम समय में कस्बे से बाहर खुले वातावरण तक पहुंच सकेंगे।
पार्क निर्माण की योजना भी लेगी मूर्तरूप
नगर में उचित जगह न होने से अब तक कोई पार्क नहीं बन सका, जबकि इसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। जमदग्नि झील पर पुल बन जाने के बाद नगरवासियों की यह हसरत भी पूरी होने की उम्मीद है। चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता ने पुल निर्माण की स्वीकृति दिलाने के बाद जमदग्नि आश्रम के पास ही पार्क विकसित करने की योजना तैयार की है। इसके लिए उन्होंने पालिका से 55 लाख का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। आश्रम के पास ही एक व्यक्ति ने छह बीघा जमीन इसके लिए दी है। पालिका ने उस व्यक्ति से जमीन का दानपत्र भी पालिका के हक में लिखवा लिया है।
वर्जन
तिलहर की एक कंपनी को जमदग्नि झील पर सेतु बनाने का ठेका देकर कार्यदायी संस्था के पक्ष में कार्य आदेश भी जारी कर दिया गया है। जमदग्नि आश्रम के पास पार्क बनाकर लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी की जा रही है। इन सभी निर्माण कार्यों से भगवान परशुराम की जन्म स्थली के पास पर्यटन क्षेत्र विकसित होगा।
- मनेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद जलालाबाद