जलालाबाद में कोलाघाट पुल के नीचे आने जाने के लिए जमीन को समतल करती जेसीबी। संवाद
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जलालाबाद। लोनिवि द्वारा मंगलवार को मिट्टी डालकर रास्ता समतल करवाया गया। मिर्जापुर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद से नदी पार कराने के लिए शुल्क भी कम लिया जाने लगा है, जिससे यात्रियों को राहत मिली है। हालांकि पैंटून पुल बनाने की शुरुआत अभी नहीं हो सकी है, परंतु नदी से पहले बनी एक साइड में रेत भरी बोरियां डालकर रास्ता बना दिया है। इसी के सामने से पैंटून पुल बनने की संभावना है।
29 नवंबर को कोला पुल तीन हिस्सों में टूटने के बाद से मिर्जापुर तथा कलान से आने-जाने वाले यात्रियों ने पुल के नीचे रेतीले व कीचड़युक्त मैदान को वैकल्पिक रास्ते के रूप में प्रयोग करना शुरू कर दिया था। ये यात्री प्राइवेट मोटर बोट से नदी पार कर रहे थे। नदी पार करवाने के लिए यात्रियों से ज्यादा रकम वसूली जा रही थी। इसको लेकर मिर्जापुर पुलिस ने सोमवार को करीब एक दर्जन मोटर बोट संचालकों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की थी। इसके चलते मंगलवार को यात्रियों से दस रुपये प्रति व्यक्ति तथा बाइक के बीस रुपये उतराई के लिए गए।
लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों द्वारा मिट्टी डाल देने से कीचड़युक्त रास्ता लगभग खत्म हो गया है। हालांकि नदी पार मिर्जापुर इलाके में अभी तक मिट्टी आदि न पड़ने से कीचड़ और जलभराव वाले रास्ते से यात्रियों को निजात नहीं मिल सकी है। पुल टूटने के आठ दिन से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी लोनिवि अभी तक जरूरत का सामान नदी तक नहीं पहुंचा सका है, जिससे पैंटून पुल बनने की शुरुआत नहीं हो सकी है। पुल तथा दोनों तरफ सही रास्ता न बनने तक यात्रियों को मुश्किलों का सामना होगा। उधर, पुल गिरने की वजह जानने को मृदा परीक्षण का रुका कार्य भी शुरू नहीं हुआ है।