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बीएलओ ड्यूटी के विरोध में गरजीं आंगनबाड़ी कर्मी

Thu, 28 May 2015 11:54 PM IST
शाहजहांपुर
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बीएलओ ड्यूटी लगाने से भड़कीं आंगनबाड़ी कर्मचारी बृहस्पतिवार को अपने केंद्रों पर ताला डालकर सड़क पर उतर आईं। उन्होंने कलक्ट्रेट जाकर नारेबाजी की और बीएलओ ड्यूटी करने से इनकार कर दिया। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने ज्ञापन लेते वक्त उन्हें उनके दायित्व याद दिलाए तो वे भड़क गईं। उन्होंने करीब तीन घंटे तक हंगामा काटा। उन्हें मनाने में संगठन के पदाधिकारियों को भी पसीना छूट गया।
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के संरक्षक विश्वमोहन भारद्वाज ने बीएलओ ड्यूटी वापस कराने को विभिन्न ब्लॉकों से आंगनबाड़ी कर्मचारियों को प्रदर्शन के लिए मुख्यालय पर बुला लिया। अन्य दिनों की अपेक्षा प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंच गईं। उनसे नारेबाजी कराकर नेतृत्व क्षमता चमकाने के बाद भारद्वाज उन्हें लेकर डीएम के पास पहुंचे और ज्ञापन दिया।
ज्ञापन का मजमून पढ़कर डीएम ने उसे शासन तक पहुंचाने का वायदा किया, लेकिन इस बात पर कड़ा ऐतराज भी जताया कि आंगनबाड़ी केंद्र खुलने के समय कर्मचारी अपनी ड्यूटी छोड़कर प्रदर्शन करने क्यों आईं। संघ के संरक्षक ने भी डीएम का रुख भांपकर नपे-तुले शब्दों में अपनी बात कही और महिलाओं को लेकर उनके चैंबर से बाहर निकल आए। धरना स्थल पर आकर भारद्वाज ने प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी, लेकिन आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने वहीं पर धरना दे दिया। आंगनबाड़ी कर्मचारी कुमकुम ने बीएलओ ड्यूटी किसी भी दशा में नहीं करने की बात दोहराते हुए वहीं बैठे रहने का ऐलान कर दिया। इसका बाकी कार्यकत्रियों ने भी समर्थन किया।
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नेतागीरी चमकाने का मिला मौका
संघ के संरक्षक भारद्वाज धरना देने पर अड़ी कर्मचारियों को मनाने में जुटे थे। उन्हें अपने प्रयास में काफी हद तक सफलता भी मिल चुकी थी। इसी बीच, वहां शोषित समाज मोर्चा के प्रदेश महासचिव फकीरे लाल भोजवाल पहुंच गए। अपहृत बेटी की बरामदगी को सत्याग्रह करने वाले दंपति के मामले में अफसरों की भूमिका से भोजवाल पहले से ही नाराज थे। दूसरे, उनकी पत्नी भी आंगनबाड़ी कर्मचारी के नाते प्रदर्शन में शामिल थीं। सो कर्मचारियों की भीड़ देख वह भी नेतागीरी चमकाने लगे। भोजवाल पीपल वाले चबूतरे पर जा चढ़े और जोशीली नारेबाजी शुरू करा दी। नतीजा यह हुआ कि जो कर्मचारी घर जाने को उठकर खड़ी हो चुकी थीं, वे सभी फिर बैठ गईं।

हिंद मजदूर सभा के नेताओं ने संभाली बात
प्रदर्शन की कमान भोजवाल के हाथ गई देख संघ के संरक्षक भारद्वाज काफी असहाय नजर आए। कुछ नहीं सूझा तो हिंद मजदूर सभा के पदाधिकारियों शरद राही और नरेंद्र त्यागी को वहां बुला लिया। दरअसल, आंगनबाड़ी संघ ने हिंद मजदूर सभा से संबद्धता ले रखी है। शरद राही ने बीएलओ ड्यूटी के बदले अतिरिक्त मानदेय दिए जाने पर जोर दिया तो आंगनबाड़ी कर्मचारी फिर भड़क उठीं। बोलीं कि तीन हजार रुपये में सिर्फ केंद्र खोलेंगी, सेवा शर्तों में निहित कामों के अलावा अन्य कोई काम किसी कीमत पर नहीं करेंगी। पदाधिकारियों ने उनसे सहमति जताई, तभी आंगनबाड़ी कर्मचारी धरना से उठने को तैयार हुईं।

इन सभी की रही सहभागिता  
प्रदर्शन में शामिल आंगनबाड़ी कर्मचारियों के नेतृत्व में संघ की जिलाध्यक्ष पद्मा रस्तोगी, नाजिश परवीन, दौलतराम, अनुराधा, रानी देवी, रूपा भारद्वाज, ममता देवी, रचना, अनीता, रुखसाना, मंजूबाला, रश्मि सिंह, शांति देवी, कंचनलता, उमा देवी, पिंकी वर्मा आदि की सहभागिता रही।
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