शाहजहांपुर में खुटार के मोहल्ला बगियानाथ निवासी 45 वर्षीय रामाशीष ने बुधवार दोपहर घर में फांसी लगा ली। रामाशीष की पत्नी प्रमिला देवी का आरोप है कि 21 दिसंबर को एक बैंक के दो कर्मचारी उनके घर आए थे। पति पर खाते में लाखों का लेन-देन करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि बैंक से कर्ज के रूप में लिए गए पांच लाख रुपये जल्द ही जमा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी कारण उनके पति ने आत्महत्या की है।
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प्रमिला देवी ने बताया कि बैंक कर्मियों के जाने के बाद से उनके पति काफी तनाव में थे। इसी कारण उन्होंने बुधवार दोपहर टीन शेड के नीचे फंदे से लटककर जान दे दी। बैंक प्रबंधक का कहना है कि उनकी बैंक से कर्मचारी वेरिफिकेशन के लिए गए थे।
रामाशीष ने बताया था कि उन्होंने संबंधित बैंक में कभी खाता ही नहीं खुलवाया है। उनके नाम से किसने और कब खाता खुलवाया, कितना लेन-देन किया गया इसकी जानकारी उनको नहीं है। मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।