किराए के मकान में भाई बहनों के साथ रहने वाले 17 वर्षीय किशोरी प्रीती तिवारी की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। उसने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जहां हत्या की तरफ इशारा कर रही है वहीं पहले दिन से गोली मारकर आत्महत्या करने का दावा करने वाली पुलिस अभी तक मामले में प्रयुक्त तमंचा या जिस असलहे से गोली मार कर आत्महत्या की गई है, उसे बरामद नहीं कर पाई है। बता दें कि निगोही क्षेत्र के गांव बरैंचा में रहने वाले काश्तकार रामानंद तिवारी के बड़े बेटे आकाश तिवारी के साथ उसकी छोटी बहन पूर्ति तिवारी, उससे छोटी बहन प्रीती और छोटे भाई अभिषेक के साथ मोहल्ला कटियाटोला में नंदकिशोर खंडेलवाल के मकान में किराए पर रहकर शहर में पढ़ाई कर रहे थे। उनकी छोटी लड़की प्रीती आर्य महिला इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा थी। 31 मार्च की सुबह प्रीती मोहल्ले की अपनी सहेली प्रियांशी के साथ रिजल्ट लेने स्कूल गई थी। प्रीती अंग्रेजी और हिंदी में फेल हो गई थी। उसने अपना रिजल्ट प्रियांशी को दे दिया था और अकेली घर चली आई थी। करीब आधा घंटे बाद प्रियांशी प्रीती के घर रिजल्ट देने पहुंची तो वह कमरे के अंदर स्टोर में मृत पड़ी हुई थी। पुलिस शुरू से ही इस मामले को आत्महत्या मान कर चल रही थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया था कि गोली पीछे सेे मारी गई है। छात्रा के हाथ में गन पाउडर भी नहीं मिला था। घटना के अगले दिन फोरेंसिक टीम ने छात्रा के कपड़ों और घटनास्थल के नमूने लिए थे। पुलिस को अब फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस का दावा था कि वह जल्द ही तमंचा बरामद कर लेगी लेकिन घटना के दस दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे।
तमंचा बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रा के परिवार वालों की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
- केके वर्मा, इंस्पेक्टर थाना सदर बाजार