पुवायां। मां की याद में अपूर्व के गोली मारकर जान देने के पुलिस के दावे पर पिता मनीष अवस्थी ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि काफी होनहार उनका बेटा भविष्य को लेकर तमाम योजनाएं बनाता था, वह मां की मौत की वजह से इतने साल बाद अब कतई दुखी नहीं रहता था। बोले- अपूर्व ने आत्महत्या की है, इस बात को वह सिरे से खारिज करते हैं।
लखीमपुर के गांव भीखमपुर निवासी मनीष की पत्नी की लगभग दस साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद बेटा अपूर्व मामा के घर पुवायां के गांव कुंवरपुर जप्ती आकर रहने लगा था। वह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा दस का छात्र था। तीन जुलाई को सीने में गोली लगने से अपूर्व की मौत हो गई थी। अपूर्व के मामा प्रमोद ने गांव के ही पांच लोग के खिलाफ जमीन संबंधी रंजिश में हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने शनिवार को जांच के बाद प्रमोद की कही बात झूठी बताई। प्रमोद के यहां भवन निर्माण में लगे श्रमिकों ने पुलिस को बताया कि अपूर्व को गोली प्रमोद के घर में ही लगी थी। तब प्रमोद ने स्वीकार किया था कि अपूर्व ने घर में ही गोली मार कर जान दी थी। प्रमोद के अनुसार, अपूर्व मां की याद में दुखी रहता था। पुलिस के मुताबिक प्रमोद ने वह तमंचा भी बरामद कराया, जिससे अपूर्व ने आत्महत्या की।
रविवार को मनीष अवस्थी ने फोन पर बताया कि अपूर्व कहा करता था कि उसके पिता ने बहुत संघर्ष किया है, वह इंटर पास करने के बाद नौकरी करेगा और पिता को बहुत सुख देगा। भविष्य की योजनाएं बनाने वाला और काफी होशियार उनका पुत्र किसी भी हालत में आत्महत्या नहीं कर सकता है। अपूर्व उनसे लगातार बात करता था और मां की मौत से दुख वाली कोई बात नहीं थी। ऐसा होता तो वह दस वर्ष बाद आत्महत्या क्यों करता?
पिता मनीष को रविवार को अखबार में पढ़कर पता लगा कि पुलिस ने अपूर्व की मौत खुदकुशी बताकर खुलासा किया है। पुलिस ने उन्हें घटना के खुलासे की कोई जानकारी नहीं दी। मनीष अवस्थी ने कहा कि वह किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन अपूर्व की मौत आत्महत्या नहीं है, पुलिस को फिर से जांच कर असलियत सामने लानी चाहिए। वह अधिकारियों के सामने भी अपनी बात रखेंगे।
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जांच के बाद सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए घटना का खुलासा किया गया है। अपूर्व के पिता ने मुझे कोई कॉल नहीं की है। -प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां