एसएस विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में रमेश भइया का स्वागत करते आयोजक। संवाद
शाहजहांपुर। विनोबा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भइया ने कहा कि अंत्योदय केवल विचार नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
वह स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर राष्ट्रीय सेवायोजना प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित अंत्योदय दिवस पर बोल रहे थे। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। अंत्योदय का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ आचार्य डॉ. अनुराग अग्रवाल ने एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों पर प्रकाश डाला। कुलपति व अतिथियों ने इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक सिंह और प्रो. सीमा गौतम की संपादित पुस्तक राष्ट्रीय पुनर्जागरण के अग्रदूत : पंडित दीनदयाल उपाध्याय का विमोचन किया। संचालन डॉ. बरखा सक्सेना ने किया। एनएसएस समन्वयक प्रमोद कुमार यादव ने आभार जताया।