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होली पूजन के लिए खूब बिके आखत, अबीर-गुलाल और पिचकारियां

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ाहजहांपुर में होली के पिचकारी खरीदते बच्चे । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बाजारों में होली की खरीदारी बृहस्पतिवार को सबसे ज्यादा हुई। सुबह से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने बाजारों का रुख करके होली में डालने के लिए आखत (जौ व गेहूं की बालियां), रंग और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी शुरू कर दी। बच्चों ने रंगबिरंगी पिचकारियां खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। वाहनों का बाजार में प्रवेश रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरियर लगाए। इसके बावजूद बहादुरगंज से लेकर सदर बाजार और चौक से लेकर मंडी मोड़ मार्केट तक आवागमन सामान्य बनाए रखने को यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवान दिन भर जूझते रहे।
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होली के लिए जरूरी सामान जुटाने का सिलसिला गत एक सप्ताह से चल रहा है। लोगों ने कपड़े, जूते-चप्पल, गुझिया के लिए मावा, नमकीन आदि चीजें पहले से खरीद लीं। इसके बावजूद तमाम छोटी-छोटी चीजों की खरीदारी बाद के लिए टाल दी गई। यही वजह रही कि आमतौर पर बाजारों में दस बजे के बाद से ग्राहकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होता है, लेकिन आज सुबह आठ बजे के बाद से बाजार होली के सामान से सजने लगे और इसी के साथ खरीदारी शुरू हो गई। दिन में 11 बजे तक इतनी भीड़ हो गई कि बाजारों के अंदरूनी रास्तों पर पैदल निकलना भी कठिन होने लगा।
होली पर आखत डालने की परंपरा को ध्यान में रखते हुए सुबह सात बजे से ग्रामीण क्षेत्र से लोग गेहूं-जौ की बालियों की गड्डी बनाकर बाजारों में नुक्कड़ों पर बिक्री के लिए जम गए। मोहल्लों और गली-कूंचों में भी फेरी लगाकर आखत बेचे गए। इसी तरह गीले-सूखे सभी तरह के रंगों की भी खूब बिक्री हुई। रंगीन स्प्रे और रंगीन धुआं छोड़ने वाली आतिशबाजी की खरीदारी में बच्चों का विशेष रुझान रहा। बाजारों में आवागमन सामान्य बनाए रखने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरियर लगाकर भीड़ वाले रास्तों पर बढ़ रहे चार पहिया वाहन और ई-रिक्शा सख्ती के साथ रोके।
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300 रुपये किलो पहुंचा मावा का भाव
एक सप्ताह पहले तक मावा की 200 रुपये किलो की दर से फुटकर बिक्री हो रही थी। गुझिया के लिए मावा की मांग बढ़ी तो दो दिन पहले उसके दाम 250 से 280 रुपये किलो हो गए। जो लोग मावा खरीदने से चूक गए, उन्हें आज केरूगंज की खोया मंडी से 300 रुपये किलो के महंगे भाव पर मावा लेना पड़ा। खास यह रहा कि कीमतें चढ़ने के बावजूद मावा इतना बिका कि दोपहर बाद खोया मंडी में मावा की किल्लत हो गई। कई विक्रेताओं ने मावा की अगली खेप मंगाकर उसकी बिक्री की।

ाहजहांपुर में होली पर डालने के लिए आखत खरीदते लोग । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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