शाहजहांपुर। भारतेंदु नाट्य अकादमी से पास आउट कप्तान सिंह कर्णधार की नाट्य संस्था गगनिका सांस्कृतिक समिति ने वाजिद अली शाह अवध उत्सव 2022 में कठपुतली नाटक प्रस्तुत किया। ‘आखिरी सलाम’ के माध्यम से वीर क्रांतिकारी पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, ठा. रोशन सिंह, राजेंद्र प्रसाद लाहिड़ी के ‘काकोरी एक्शन’ की गौरव गाथा प्रस्तुत कर तालियां बटोरी है।
लखनऊ में आयोजित अवध महोत्सव में पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग और उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के कठपुतली उत्सव में कलाप्रेमियों का जमावड़ा लगा। इस दौरान पुतुल कला में पारंगत तीन संस्थाओं को मौका दिया था। कर्णधार ने बताया कि कठपुतलियों के माध्यम से प्रस्तुत नाटक ‘आखिरी सलाम’ ने संवाद, संगीत और संचालन की कुशलता से लोगों के मन को न केवल छुआ, बल्कि भावविभोर कर आंखें नम कर दीं।
कठपुतली संचालन कलाकारों में फाजिल खान, सलोचना कार्की, दुष्यंत श्रीवास्तव, नैन सिंह, आकाश, सचिन कुमार, मोहम्मद फैजान, चित्राली, धृति आदि शामिल रहे। बेजान कठपुतलियों को आलोक सक्सेना, अंकित सक्सेना, यतेंद्र त्रिवेदी, आरव मिश्रा, सूरज, ऋषिकांत, प्रियंका, सुप्रिया चटर्जी, चित्राली, धृति, मंजुल आजाद, फाजिल खान, शैलेंद्र मिश्रा ने अपनी आवाज दी। कठपुतली निर्माण मिठाई लाल एवं सलोचना कार्की ने किया।
आखिरी सलाम नाटक की संपूर्ण परिकल्पना एवं निर्देशन कप्तान सिंह कर्णधार का रहा। उत्सव के समापन संध्या पर मुख्य अतिथि पर्यटन संस्कृत मंत्री जयवीर सिंह, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री राज बिसारिया, सचिव तरुण राज ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया।
कप्तान सिंह कर्णधार, रंगकर्मी- फोटो : SHAHJAHANPUR