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आक्रोशित भीड़ सड़कों पर उतरी, फूंके पुतले

Mon, 21 Dec 2015 12:04 AM IST
शाहजहांपुर
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पैगंबर हजरत मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी से आहत और नाराज मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शहर के विभिन्न मोहल्लों से घोषित कार्यक्रम के तहत रविवार सुबह नौ बजे से ही ईदगाह में जुटने लगे। करीब 10 बजे विरोध जलसा हुआ और उसमें सर्वसम्मति से चार मांगें पारित र्हुइं। दिन के करीब 11 बजे ईदगाह से नाराज भीड़ का हुजूम पुतले, डंडे आदि लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन को आगे बढ़ा और मार्ग में कई स्थानों पर पुतले फूंककर नाराजगी जताई। टाउन हाल रोड पर ही पुलिस ने बैरीकेडिंग कर रखी थी और वहीं जुलूस को रोका तो धक्कामुक्की की स्थिति बनी, लेकिन किसी तरह हालत को नियंत्रित कर लिया गया। यहीं टाउनहाल मस्जिद से जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने मांगें पढ़कर सुनाईं और एडीएम प्रशासन एमके उपाध्याय उनके पास जाकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। फिर इमाम और नगरपालिका चेयरमैन तनवीर खां से माइक से सभी का आभार जताते हुए भीड़ को शांतिपूर्वक घर लौटने को कहा। इसके बाद सभी वहां से हटे तो पुलिस - प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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जुलूस के पूरे रूट और आसपास के लिंक रोड पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स सुबह से ही उतार दी गई थी। इस रूट पर लोगों ने सुबह से लेकर दोपहर तक अपने प्रतिष्ठान ऐहतियातन बंद रखे थे। लोधीपुर, बिजलीपुरा, महमंद जलालनगर, हथौड़ा, रंगीन चौपाल, ककरा कलां, हदफ चौकी, लाल इमली चौराहा, बाबूजई, झंडा कलां, अंटा चौराहा, एमनजई जलालनगर आदि शहर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के युवा और बुजुर्ग ईदगाह में पैगंबर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले का पुतला लेकर जुटे। वहां हुए जलसे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले को फांसी देने की मांग का प्रस्ताव को पारित किया और इस संबंधी कानून बनाने की मांग की गई। वहां से जुलूस आगे बढ़ा तो सुभाष नगर तिराहा, आवास विकास कालोनी, पीली मस्जिद, लाल इमली चौराहा, मोहनगंज, घंटाघर और टाउन हाल रोड पर भीड़ ने करीब चार दर्जन से अधिक पुतले फूंककर अपना आक्रोश जताया। टाउन हाल रोड पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोकने को समझाने की कोशिश की तो भीड़ उग्र रूप धारण करने लगी, लेकिन जामा मस्जिद के इमाम और नगरपालिका चेयरमैन के समझाने पर सभी शांत हो गए। विरोध जलसे और जुलूस में ईदगाह प्रबंध समिति के सदर राहत अली खां, उपाध्यक्ष मिर्जा आसिफ अली बेग, सचिव सैयद कासिम रजा, जामा मस्जिद प्रबंध समिति अध्यक्ष डॉ. तारिक अली खां, सचिव मोअज्जम अली, डीएम कंपाउंड मस्जिद इमाम मौलाना मो. अनीस खां, कारागार के इमाम हाफिज जुग्गन खां, जिला निगरां दावते इस्लामी के हाफिज मो. अनीस अत्तारी, गुलाम गौस खां, आफाक अली खां, हाफिज खालिद, सलीम अख्तर, हाफिज मोहम्मद इमरान,  हाफिज अतीक, आरिश खआं, तारिक खां, एहसानुल हक, मो. तारीक, मो. उमर कादरी, राकिब अली, नजम अली खां, सईद खां, मोइन खां, मो. अमीन कादरी आदि शामिल थे।

जलसे में पारित चार मांगे
1. धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर फांसी देने का कानून बने।
2. सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणी करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई के लिए कानून बने
3. हिंदू महासभा सरीखे सांप्रदायिक संगठनों पर स्थायी प्रतिबंध लगे
4. आपत्तिजनक टिप्पणी का समर्थन करने वाली सांसद की संसद सदस्यता समाप्त हो

बीती रात से हाई अलर्ट थी फोर्स
शाहजहांपुर। रविवार को होने वाले विरोध जलसे में असामाजिक तत्वों के अशांति या उपद्रव फैलाने की आशंका वाली गोपनीय सूचना मिलते ही शनिवार रात को शाहजहांपुर पुलिस हाई अलर्ट हो गई थी। रात को ही सभी संबंधित पक्षों के जिम्मेदार लोगों से वार्ता कर शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराने की रणनीति बना ली गई। नाराज भीड़ को नियंत्रित करने में मुअज्जिज लोगों के साथ ही नगरपालिका चेयरमैन समेत मुस्लिम संगठनों से जुड़े लोगों ने कमान संभाली। ऐहतियातन शनिवार रात को जिले में बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था कर ली गई थी। रविवार को पीलीभीत, बदायूं और बरेली से मंगाई गई अतिरिक्त फोर्स के अलावा डेढ़ कंपनी पीएसी, 15 एसओ, 30 से अधिक एसआई, क्राइम ब्रांच की टीम और 400 सिपाही चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी आपात स्थिति से निपटने को आठ स्थानों पर तैनात रखी गई थीं।
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पूरनपुर से आए सीओ ने संभाली कमान
शाहजहांपुर। जिले में लंबे अरसे तक सीओ सिटी के रूप में तैनात रहे पीलीभीत के पूरनपुर के मौजूदा सीओ राजेश्वर सिंह भी विशेष तौर पर रविवार को विरोध जलसे के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने को बुलाए गए थे। ईदगाह, जुलूस मार्ग और टाउन हाल पर कई बार बेकाबू हुई भीड़ को उन्होंने बड़ी ही सूझबूझ से नियंत्रित किया। इसके लिए उन्होंने अपने पुुराने परिचित लोगों को साथ लिया और नाराज होते लोगों से सहानुभूति के साथ वार्ता कर शांत कराया। एसपी सिटी राजेश कुमार ने इसके लिए उनकी सभी के समक्ष प्रशंसा भी की।
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