खुटार ( शाहजहांपुर)। रिश्ते के चचेरे भाई के साथ मजदूरी करने हरियाणा गए युवक की एक हजार रुपये लेने के आरोप में हत्या कर शव को खेत में गड्ढे में दबा दिया गया। इसके बाद हत्यारोपी गांव भाग आया। हरियाणा पुलिस ने आरोपी की ननिहाल में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई है।
गांव हरनाई निवासी संतोष कश्यप (35) गांव के ही रंजीत कश्यप के साथ हरियाणा के जनपद रोहतक के गांव सिंहपुरा कलां में मजदूरी करने गया था। दोनों सिहंपुरा कलां के प्रदीप के खेत में काम करने लगे। प्रदीप के अनुसार रंजीत पहले भी उसके यहां काम करता था। पंद्रह दिन पहले अपने ताऊ के बेटे संतोष को भी ले आया था। उसके खेत से कुछ दूर गांव के सरपंच प्रमोद ने भी खेत ठेके पर ले रखा है। प्रमोद के पास पीलीभीत के गांव गुलालपुर का छोटू काम करता है। नौ अक्तूबर को रंजीत ने छोटू को बताया कि संतोष ने उसके एक हजार रुपये ले लिए हैं और उसको कमरे में बंद कर कहीं चला गया। उसने बमुश्किल कमरा खोला और बाहर आया।
दस अक्तूबर को प्रदीप खेत पर पहुंचे तो रंजीत गायब मिला। जिस कोठरी में रंजीत और संतोष रहते थे, उसके पास ताजा गड्ढा खुदा मिला और वहां बदबू आ रही थी। सूचना पर बहु अकबरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और गड्ढा खुदवाया तो उससे संतोष का शव बरामद हो गया। उधर, रंजीत हरियाणा से भागकर घर आ गया। रंजीत गांव आया तो संतोष के परिवार वालों ने उससे संतोष के बारे में जानकारी ली। इस पर रंजीत ने कह दिया कि संतोष उसके पास से कहीं चला गया है। इस पर संतोष के भाई राजेंद्र ने दस अक्तूबर को खुटार थाने में तहरीर देकर संतोष की गुमशुदगी दर्ज करने की मांग की थी। इस बीच रंजीत घर से अपनी ननिहाल जनपद लखीमपुर के थाना पलिया के गांव खैराना भाग गया। खुटार पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और संतोष का पता लगाने का कोई प्रयास नहीं किया।
उधर, हरियाणा पुलिस ने रंजीत का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवाकर लोकेशन के आधार पर खैराना में दबिश देकर रंजीत को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई। हरियाणा पुलिस ने ही संतोष के परिवार वालों को हत्या के बारे में जानकारी दी। संतोष की मां बसंती और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग हरियाणा गए हैं।